इंस्टीट्यूट ग्राउंड, डब्ल्यू आर एस कॉलोनी में 12 अक्टूबर, 2026 को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का 42वाँ स्थापना दिवस अत्यंत धूमधाम और गरिमा के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर आयोजित औपचारिक परेड और प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी के माध्यम से भारतीय रेल की सुरक्षा, यात्रियों की संरक्षा तथा रेलवे संपत्ति की रक्षा के प्रति बल की अटूट प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया।
यह ऐतिहासिक दिन 20 सितंबर, 1985 की उस महत्वपूर्ण उपलब्धि की याद दिलाता है, जब संसद के संशोधन अधिनियम के तहत रेलवे सुरक्षा बल को ‘संघ के सशस्त्र बल’ (Armed Force of the Union) का दर्जा प्रदान किया गया था। यह स्थापना दिवस RPF की संस्थागत विरासत, राष्ट्रसेवा के प्रति उसके निष्ठावान समर्पण, उत्कृष्ट परिचालन क्षमता तथा आधुनिक तकनीकों को अपनाकर रेल सुरक्षा को सशक्त बनाने के निरंतर प्रयासों का एक अनूठा उत्सव है।
इस भव्य समारोह में RPF की महानिदेशक सुश्री सोनाली मिश्रा (IPS) ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में माननीय सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश, मंडल रेल प्रबंधक श्री दयानंद, छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP), SECR के महानिरीक्षक (RPF) श्री मुनव्वर खुर्शीद समेत रेलवे, पुलिस प्रशासन और नागरिक सेवा के कई वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह का मुख्य आकर्षण RPF के जवानों द्वारा प्रस्तुत की गई शानदार औपचारिक परेड रही, जिसने बल के कड़े अनुशासन, साहस और पेशेवर दक्षता को रेखांकित किया। परेड में महिला टुकड़ी, विशेष CORAS कमांडो दस्ता, श्वान दस्ता (Dog Squad) और आधुनिक सेगवे (Segway) गश्ती दल शामिल हुए। महिला कार्मिकों की भागीदारी ने RPF की विविध जिम्मेदारियों में उनके बढ़ते योगदान को दिखाया, वहीं CORAS कमांडो ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने की अपनी विशेष परिचालन तैयारियों का प्रदर्शन किया।
उत्कृष्ट सेवाओं और शौर्य को सम्मानित करते हुए महानिदेशक RPF द्वारा अधिकारियों एवं जवानों को प्रतिष्ठित पदकों और अलंकरणों से अलंकृत किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट सेवा के लिए 3 राष्ट्रपति पुलिस पदक, सराहनीय सेवा के लिए 30 पुलिस पदक तथा वर्ष 2024 में एक रेल यात्री की जान बचाने वाले जवान को ‘जीवन रक्षा पदक’ प्रदान किया गया। ये सम्मान स्वतंत्रता दिवस 2025 तथा गणतंत्र दिवस 2026 के अवसरों पर घोषित पुरस्कारों से संबंधित हैं, जो कर्तव्यपरायणता और मानवीय संवेदनाओं की मिसाल पेश करते हैं।
बल के ऐतिहासिक सफर पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि 29 अगस्त, 1957 को RPF अधिनियम लागू होने के बाद से यह बल लगातार विकसित हुआ है। 1962 के युद्ध के दौरान ‘विशेष आपातकालीन बल’ (जो बाद में RPSF बना) के गठन से लेकर 2003 में यात्री सुरक्षा का दायरा मिलने और 2019 में NDPS एक्ट के तहत अधिकार प्राप्त होने तक, RPF ने बदलते समय के साथ अपनी क्षमताओं और कानूनी शक्तियों का निरंतर विस्तार किया है।
कार्यक्रम के एक अन्य प्रमुख भाग के रूप में अत्याधुनिक ‘प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी’ का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय रेल की डिजिटल व आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों को प्रदर्शित किया गया। इसमें ड्रोन गश्त, ह्यूमनॉइड रोबोट ‘ARJUN’, ReCAM (RPF e-Crime Analysis Module), EFRR और NCRB के डिजिटल उपकरण जैसे क्रिमिनल प्रोसीजर आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (CrPIS) और NAFIS (स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली) आकर्षण का केंद्र रहे, जो यह दर्शाते हैं कि बल अब हाई-टेक निगरानी अपना रहा है।
समारोह के अंत में महानिदेशक सुश्री सोनाली मिश्रा ने सुरक्षा, संरक्षा और यात्री सुविधा के प्रति भारतीय रेल के संकल्प को दोहराया। उन्होंने अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय, आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग और परिचालन क्षमता में वृद्धि पर जोर दिया। इस प्रकार 42वाँ स्थापना दिवस RPF की गौरवशाली परंपराओं को संजोने के साथ-साथ एक सुरक्षित, तकनीक-संचालित और यात्री-अनुकूल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करता है।

