केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देश के राजनीतिक और वैधानिक परिदृश्य को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि साल 2029 में होने वाले अगले लोकसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनता दल (NDA) गठबंधन शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) को कानूनी रूप से लागू कर दिया जाएगा।
यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत के अवसर पर की गई। इस अभियान के तहत भाजपा और एनडीए शासित राज्य सरकारें मिलकर देश भर में एक महीने तक विभिन्न जन-कल्याणकारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर रही हैं।
समान नागरिक संहिता (UCC) के संदर्भ में गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि इसका मुख्य उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान व्यक्तिगत कानून स्थापित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि तय समयसीमा यानी 2029 से पहले इसे एनडीए के सभी 21 राज्यों में अमलीजामा पहना दिया जाएगा।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो देश में उत्तराखंड पहला ऐसा राज्य है जहां UCC विधिवत लागू हो चुका है। इसके अलावा गुजरात, असम और मध्य प्रदेश की विधानसभाओं में इससे जुड़े विधेयक पारित किए जा चुके हैं तथा राष्ट्रपति की मंजूरी व अधिसूचना की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी इसके लिए ड्राफ्टिंग कमेटियों का गठन किया गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गृह मंत्री ने अपनी सरकार के पिछले वर्षों के कार्यकाल को ‘प्रदर्शन आधारित राजनीति’ करार दिया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश की अर्थव्यवस्था ‘फ्रैजाइल फाइव’ (कमजोर पांच) में गिनी जाती थी, लेकिन आज भारत दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक मामलों पर बोलते हुए शाह ने अनुच्छेद 370 को हटाने, तीन तलाक की समाप्ति और आतंकवाद के खिलाफ ‘शून्य सहनशीलता’ (जीरो टॉलरेंस) की नीति का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और मजबूत रक्षा नीतियों के जरिए देश की सीमाओं को सुरक्षित किया गया है।
इसके साथ ही, देश में अवैध घुसपैठियों के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए गृह मंत्री ने दोहराया कि सरकार हर एक अवैध घुसपैठिए की पहचान कर उन्हें देश से बाहर निकालने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस दौरान उन्होंने मणिपुर में एनआरसी (NRC) लागू करने और देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर सहयोगियों के साथ चर्चा जारी रहने की बात भी कही।

