छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के लिए 19 मई का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। संभाग मुख्यालय जगदलपुर में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद (Central Zonal Council) की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे। यह आयोजन न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से बल्कि सुरक्षा और विकास के लिहाज से भी बस्तर की बदलती छवि को वैश्विक पटल पर रखने का एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, गृहमंत्री अमित शाह 18 मई की रात ही जगदलपुर पहुंच जाएंगे, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन, यानी 19 मई को वे परिषद की बैठक की कमान संभालेंगे। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी शिरकत करेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले इस परिषद की बैठक उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में संपन्न हुई थी, जिसके बाद अब बस्तर को इस महत्वपूर्ण चर्चा के लिए चुना गया है।
बैठक के एजेंडे में सुरक्षा और बुनियादी ढांचे का विकास सर्वोपरि है। विशेष रूप से बस्तर में नक्सलवाद के प्रभावी खात्मे और सुरक्षा बलों की हालिया सफलताओं के बाद, यह पहली बार है जब इतनी बड़ी बैठक इस संवेदनशील क्षेत्र में हो रही है। बैठक के दौरान चारों राज्यों के बीच सामाजिक-आर्थिक विकास, अंतर-राज्यीय सीमा विवाद, सड़क कनेक्टिविटी और जल संसाधनों के उचित बंटवारे जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
प्रशासनिक स्तर पर इस आयोजन को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य के सभी विभागों को सक्रिय कर दिया है। उन्होंने पिछली बैठक के ‘मिनिट्स’ (कार्यवृत्त) के आधार पर अब तक हुए कार्यों और लंबित मामलों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सरकार की कोशिश है कि गृहमंत्री के सामने छत्तीसगढ़ से जुड़े सभी विकास कार्यों और चुनौतियों को प्रभावी ढंग से रखा जाए ताकि केंद्र से मिलने वाली सहायता में तेजी आ सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि बस्तर में इस बैठक का आयोजन एक बड़ा रणनीतिक संदेश है। यह दर्शाता है कि केंद्र और राज्य सरकारें अब बस्तर को केवल एक जंगलों और संघर्ष के क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि विकास के एक उभरते केंद्र के रूप में देख रही हैं। जगदलपुर में चार मुख्यमंत्रियों और देश के गृहमंत्री का जमावड़ा क्षेत्र में निवेश, पर्यटन और औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।
बैठक के समापन के बाद 19 मई की शाम को गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली के लिए रवाना होंगे। इस संक्षिप्त लेकिन अत्यंत प्रभावशाली दौरे पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यहाँ से निकलने वाले निर्णय मध्य भारत के चारों राज्यों के भविष्य की रूपरेखा तय करेंगे। बस्तर के स्थानीय निवासियों में भी इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि यह उनके क्षेत्र के कायाकल्प की दिशा में एक बड़ा कदम है।

