“छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल” के गठन का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब राज्य की प्रमुख भर्ती संस्था “छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल” (व्यापमं) का अस्तित्व स्वतंत्र न रहकर इस नए गठित मंडल में विलीन हो गया है। इस विलय का मुख्य उद्देश्य राज्य में होने वाली भर्ती परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं को अधिक सुव्यवस्थित और एकीकृत बनाना है।
इस नए मंडल की कमान राज्य की वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को सौंपी गई है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1991 बैच की अनुभवी अधिकारी रेणु जी. पिल्ले को छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का पहला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वर्तमान में वे व्यापमं की अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं, जिन्हें अब इस नए और विस्तृत स्वरूप वाले मंडल की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी नियुक्ति अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।
प्रशासनिक दृष्टिकोण से यह बदलाव काफी अहम माना जा रहा है। रेणु जी. पिल्ले न केवल चयन मंडल की अध्यक्ष होंगी, बल्कि वे छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी पूर्ववत संभालती रहेंगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि नई जिम्मेदारी मिलने के बावजूद उनके वर्तमान कार्यों और माध्यमिक शिक्षा मंडल के प्रभार में कोई बदलाव नहीं होगा, जिससे शिक्षा और भर्ती दोनों क्षेत्रों में समन्वय बना रहे।
व्यापमं का कर्मचारी चयन मंडल में विलय होने से प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। अब भविष्य में निकलने वाली सरकारी नौकरियों की नियुक्तियां, प्रवेश परीक्षाएं और अन्य भर्ती प्रक्रियाएं इसी नए मंडल के बैनर तले आयोजित की जाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस एकीकरण से प्रशासनिक कार्यों में दोहराव कम होगा और भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी आने के साथ-साथ पारदर्शिता में भी सुधार होने की पूरी उम्मीद है।


