पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है, जहाँ पश्चिम बंगाल और असम में भारतीय जनता पार्टी को मिलती दिख रही बढ़त ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। भाजपा के इस शानदार प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में जश्न की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आज शाम 6:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मुख्यालय पहुंचेंगे, जहाँ वे न केवल जीत का उत्सव मनाएंगे बल्कि देशभर से जुटे कार्यकर्ताओं को संबोधित कर जीत का मंत्र भी देंगे।
पश्चिम बंगाल के चुनावी रुझानों ने सभी को चौंका दिया है, जहाँ भाजपा 202 सीटों पर बढ़त बनाकर इतिहास रचती दिख रही है। चुनावी मैदान में दिख रही इस ‘भगवा सुनामी’ के सामने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस धराशयी होती नजर आ रही है और 15 साल बाद उनका किला ढहने की कगार पर है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, जहाँ भाजपा ने 200 का आंकड़ा पार किया है, वहीं टीएमसी फिलहाल 85 सीटों पर ही बढ़त बना पाई है। मतगणना अभी जारी है, इसलिए अंतिम परिणामों में सीटों का मामूली अंतर आने की संभावना बनी हुई है।
इसी बीच, बंगाल की सबसे चर्चित भवानीपुर सीट पर जबरदस्त हंगामा और तनाव की स्थिति बनी हुई है। यहां 12वें राउंड की गिनती के बाद आधिकारिक एनाउंसमेंट को रोक दिया गया है, जिससे संशय की स्थिति पैदा हो गई है। काउंटिंग सेंटर के भीतर खुद ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी मौजूद हैं। विपक्षी दलों के एजेंटों ने आरोप लगाया है कि उन्हें केंद्र से जबरन बाहर निकाला गया है, वहीं ममता बनर्जी ने भी अपने एजेंटों को बाहर किए जाने की शिकायत दर्ज कराई है। ताजा जानकारी के मुताबिक, इस सीट पर 13 राउंड की गिनती पूरी हो चुकी है और शुभेंदु अधिकारी फिलहाल ममता बनर्जी से पीछे चल रहे हैं।
जबरदस्त जीत की संभावना को देखते हुए भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं और जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया है। कोलकाता में ममता बनर्जी के घर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए, जिससे माहौल काफी गरमा गया है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह राज्य में एक बड़े राजनीतिक परिवर्तन की शुरुआत है और वे इसे पार्टी की विचारधारा की जीत मान रहे हैं।
दूसरी ओर, मतगणना के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने अपने उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। दीदी ने साफ तौर पर निर्देश दिए हैं कि कोई भी कार्यकर्ता या एजेंट किसी भी परिस्थिति में काउंटिंग बूथ छोड़कर बाहर न आए। उन्होंने अंतिम समय तक डटे रहने और पूरी मुस्तैदी से मतगणना की निगरानी करने पर जोर दिया है, जबकि बाहर जश्न और नारेबाजी का शोर लगातार बढ़ता जा रहा है।
कुल मिलाकर, ये चुनाव परिणाम देश की राजनीति के लिए काफी निर्णायक साबित होने वाले हैं। बंगाल में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट और असम में भाजपा की मजबूत वापसी ने केंद्र सरकार के मनोबल को और बढ़ा दिया है। अब सभी की नजरें शाम को होने वाले प्रधानमंत्री के संबोधन पर टिकी हैं, जहाँ वे इन नतीजों का विश्लेषण करेंगे और देश को संबोधित करेंगे।

