छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में इस वर्ष ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा संचालित इन विद्यालयों के बच्चों ने न केवल उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए, बल्कि बड़े निजी स्कूलों को पछाड़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
इस वर्ष की बोर्ड परीक्षा के नतीजों में ‘प्रयास’ विद्यालयों का दबदबा साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश की ओवरऑल टॉप-10 मेरिट सूची में अकेले इन विद्यालयों के 13 विद्यार्थियों ने अपनी जगह पक्की की है। सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद इन बच्चों ने यह साबित कर दिया कि यदि प्रतिभा को सही अवसर और उचित मार्गदर्शन मिले, तो कोई भी बाधा उन्हें सफल होने से नहीं रोक सकती।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कुल 17 ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों की सबसे खास बात यह है कि यहाँ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों से लेकर समाज के सभी वंचित वर्गों के होनहार विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। यहाँ बच्चों को न केवल 10वीं और 12वीं की शिक्षा दी जाती है, बल्कि उनके सपनों को साकार करने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान किया जाता है।
प्रयास विद्यालयों में शिक्षा पूरी तरह से निःशुल्क है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है। विद्यालयीन शिक्षा के साथ-साथ यहाँ विद्यार्थियों को देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे एनआईटी (NIT), आईआईटी (IIT), नीट (NEET) और जेईई (JEE) की तैयारी के लिए उच्च स्तरीय कोचिंग भी प्रदान की जाती है। यही कारण है कि यहाँ के बच्चे बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में भी परचम लहरा रहे हैं।
विद्यार्थियों की इस अभूतपूर्व सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह परिणाम ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों की अवधारणा की सार्थकता को प्रमाणित करता है। मुख्यमंत्री ने आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और पूरी विभागीय टीम सहित सफल छात्र-छात्राओं को उज्जवल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने परिणामों का विश्लेषण करते हुए बताया कि प्रदेश के शीर्ष 50 मेरिट छात्रों में से 13 विद्यार्थी ‘प्रयास’ विद्यालय के हैं। उन्होंने जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि विभाग बच्चों की शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ उनके नैतिक और व्यवहारिक विकास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।
कक्षा 12वीं (हायर सेकेंडरी) के परिणामों पर नजर डालें तो प्रयास विद्यालयों का प्रदर्शन चौंकाने वाला रहा है। इस वर्ष कुल 128 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। रायपुर स्थित गुढ़ियारी प्रयास आवासीय विद्यालय की 19 छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। वहीं कोरबा की रागिनी कंवर ने 95 प्रतिशत अंक हासिल कर अपने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
12वीं के विज्ञान संकाय में एक विशेष उपलब्धि यह रही कि जीव विज्ञान (Biology) विषय में दो छात्राओं ने 100 में से 100 अंक अर्जित किए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि इन विद्यालयों में विषयों की गहराई से पढ़ाई कराई जा रही है। शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यार्थियों के कठिन परिश्रम ने आज इन बच्चों को प्रदेश के शैक्षणिक मानचित्र पर शीर्ष पर पहुँचा दिया है।
हाईस्कूल (10वीं) की परीक्षा में भी विद्यार्थियों ने शानदार खेल दिखाया है। कुल 119 छात्राओं में से 48 छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी योग्यता सिद्ध की है। विशेष रूप से गणित जैसे कठिन विषय में 6 विद्यार्थियों ने शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जो उनकी तार्किक क्षमता और बेहतर शिक्षण व्यवस्था को दर्शाता है।
10वीं की प्रावीण्य सूची में दीपांशी ने 98.83 प्रतिशत अंकों के साथ पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है, जो ‘प्रयास’ परिवार के लिए एक बड़ी गौरव की बात है। इसके अलावा, हाईस्कूल की मेरिट सूची में कुल 42 विद्यार्थियों में से 21 विद्यार्थी एकलव्य और प्रयास आवासीय विद्यालयों के हैं, जो विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता का एक सशक्त प्रमाण है।
अंततः, ‘प्रयास’ विद्यालयों की यह सफलता छत्तीसगढ़ जैसे जनजातीय बहुल राज्य के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरी है। यह दर्शाती है कि समर्पण और सही दिशा में किए गए प्रयासों से शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाई जा सकती है। इन बच्चों की सफलता आज पूरे देश में मिसाल बन रही है और अन्य ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का नया स्रोत सिद्ध हो रही है।

