छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की कक्षा 12वीं के हिंदी पेपर लीक मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले का मुख्य आरोपी वेणु जंघेल पिछले कई हफ्तों से फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए अब रायपुर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सेंट्रल जोन के डिप्टी कमिश्नरेट ऑफ पुलिस (DCP) उमेश गुप्ता ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए फरार आरोपी पर 5,000 रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। पुलिस का मानना है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुपों पर 12वीं की हिंदी परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र के कुछ हिस्से वायरल होने लगे। छात्र संगठन NSUI ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए दावा किया कि परीक्षा की गोपनीयता भंग हो चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने तुरंत कार्रवाई की और रायपुर के सिटी कोतवाली थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई। इसके बाद साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की, जिसमें वेणु जंघेल का नाम मुख्य संदिग्ध के रूप में सामने आया।
पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद बोर्ड को कड़े फैसले लेने पड़े। टाइम टेबल के अनुसार, हिंदी की परीक्षा पहले 14 मार्च को आयोजित की गई थी, लेकिन गड़बड़ी के प्रमाण मिलने के बाद 23 मार्च को इस परीक्षा को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया। इसके बाद बोर्ड ने नई तारीख घोषित की और 10 अप्रैल को प्रदेश भर में दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई। इस प्रक्रिया की वजह से हजारों छात्रों को न केवल मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा, बल्कि उन्हें भीषण गर्मी के बीच दोबारा परीक्षा केंद्र तक पहुंचना पड़ा।
पुलिस द्वारा जारी किए गए नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि आरोपी वेणु जंघेल 14 मार्च से ही फरार है। डीसीपी ने जनता से अपील की है कि जो भी व्यक्ति आरोपी की गिरफ्तारी में मदद करेगा या उसके ठिकाने की सही सूचना देगा, उसे शासन की ओर से इनाम दिया जाएगा। पुलिस के अनुसार, परीक्षाओं में इस तरह की धांधली करने वाले तत्वों का समाज में खुला घूमना भविष्य की व्यवस्थाओं के लिए खतरा पैदा कर सकता है। पुलिस की अलग-अलग टीमें फिलहाल आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
इस मामले में राजनीतिक और सामाजिक दबाव भी साफ देखा गया। छात्र संगठन NSUI ने इस धांधली के विरोध में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल का घेराव किया था। संगठन ने आरोप लगाया था कि पेपर लीक के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट हो सकता है जो प्रदेश के होनहार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिससे भविष्य में कोई दोबारा इस तरह का दुस्साहस न कर सके।
वर्तमान में रायपुर साइबर सेल की टीम उन सभी डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच कर रही है, जिनके माध्यम से पेपर को वायरल किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वेणु जंघेल की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। प्रशासन ने यह भी आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुँचाने की है।

