रायपुर, 29 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएँ प्रदेश के लाखों जरूरतमंदों के लिए एक मजबूत आर्थिक आधार बन चुकी हैं। वृद्धजनों, दिव्यांगों और निराश्रित महिलाओं के जीवन को गरिमामय बनाने के उद्देश्य से सरकार इन योजनाओं के क्रियान्वयन को प्राथमिकता दे रही है। वर्तमान में राज्य और केंद्र सरकार के समन्वय से कुल छह पेंशन योजनाएँ प्रभावी रूप से जमीन पर उतारी जा रही हैं, जिनका सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है।
राज्य सरकार की अपनी योजनाओं के मामले में छत्तीसगढ़ ने बेहतर प्रदर्शन किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा और मुख्यमंत्री पेंशन योजना के अंतर्गत मार्च 2026 तक के सभी देय भुगतानों को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। समय पर मिली इस आर्थिक सहायता से प्रदेश के लाखों परिवारों को अपनी दैनिक आवश्यकताओं और चिकित्सा संबंधी खर्चों को पूरा करने में बड़ी राहत मिली है।
वहीं, केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के अंतर्गत भी भुगतान की प्रक्रिया को निरंतरता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन योजनाओं में दिसंबर 2025 तक का भुगतान किया जा चुका है, जबकि विधवा पेंशन योजना के तहत जनवरी 2026 तक की राशि हितग्राहियों के खातों में भेजी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि तकनीकी औपचारिकताओं को जल्द पूरा कर आगामी महीनों का भुगतान भी समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
वितरण प्रणाली को आधुनिक और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारत सरकार ने अब SNA-SPARSH (एसएनए-स्पर्श) प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। यह एक उच्च-तकनीकी प्लेटफॉर्म है जो भुगतान की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप से ट्रैक करता है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से न केवल डेटा की शुद्धता बढ़ेगी, बल्कि हितग्राहियों को मिलने वाली राशि में होने वाली देरी और मानवीय हस्तक्षेप की संभावनाओं को भी न्यूनतम किया जा सकेगा।
वर्तमान में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के कुछ भुगतानों में जो तकनीकी विलंब दिखाई दे रहा है, उसका मुख्य कारण इसी नई प्रणाली में हो रहा संक्रमण (Transition) है। विभागीय स्पष्टीकरण के अनुसार, अब भुगतान की प्रक्रिया भारत सरकार से ‘मदर सैंक्शन’ प्राप्त होने पर निर्भर करती है। यह एक अनिवार्य प्रक्रियात्मक बदलाव है, जिसके तहत केंद्र से स्वीकृति मिलते ही राज्य स्तर पर राशि आवंटन की प्रक्रिया स्वतः सक्रिय हो जाती है।
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने प्रदेश के पेंशनभोगियों को आश्वस्त किया है कि भुगतान में हो रही यह देरी केवल अस्थायी है। जैसे ही केंद्र सरकार से मदर सैंक्शन प्राप्त होगा, सभी लंबित राशि का भुगतान एरियर (बकाया) सहित प्राथमिकता के आधार पर सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में जमा कर दिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र व्यक्ति का हक प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
राज्य सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि वह सामाजिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। तकनीकी नवाचार और नई प्रणालियों को अपनाना भविष्य में एक पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन की नींव रखेगा। SNA-SPARSH जैसी प्रणालियाँ शुरू में चुनौतीपूर्ण लग सकती हैं, लेकिन दीर्घकालिक रूप से ये हितग्राहियों को सीधा लाभ पहुँचाने और सरकारी धन के सदुपयोग में मील का पत्थर साबित होंगी।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में सामाजिक सुरक्षा का एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है जहाँ तकनीक और संवेदनशीलता का मेल हो। राज्य सरकार का जोर इस बात पर है कि प्रदेश का कोई भी निराश्रित या दिव्यांग व्यक्ति आर्थिक तंगी के कारण उपेक्षित महसूस न करे। आने वाले समय में इन डिजिटल सुधारों के माध्यम से पेंशन वितरण की गति और सटीकता में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।

