रायपुर, 28 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज मंत्रालय में विभागीय कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में सुशासन को सुदृढ़ करना और राजस्व विभाग के कामकाज में पारदर्शिता लाना था। मंत्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि आम जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से लक्ष्य पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के दौरान राजस्व न्यायालयों में लंबित नामांतरण, बंटवारा, त्रुटि सुधार और सीमांकन जैसे प्रकरणों की जिलेवार गहन समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि त्रुटि सुधार और अन्य राजस्व मामलों का निराकरण तय समय-सीमा के भीतर नहीं किया गया, तो दोषी अधिकारियों के विरुद्ध ‘लोक सेवा गारंटी अधिनियम’ के तहत दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने लंबित फाइलों को शीघ्र निपटाने पर विशेष बल दिया।
डिजिटल सुधारों की दिशा में मंत्री श्री वर्मा ने ‘एग्रीस्टेक’ परियोजना के तहत जियोरिफ्रेसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नक्शा प्रोजेक्ट और अन्य तकनीकी कार्यों में हो रहे विलंब पर सख्त रुख अपनाते हुए इन्हें अगले 03 महीनों के भीतर शत-प्रतिशत पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मंत्री ने कहा कि डिजिटल सशक्तिकरण से ही कृषि और राजस्व क्षेत्र में वास्तविक पारदर्शिता आएगी।
नगरीय क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए, मंत्री ने सभी निकायों में आबादी पट्टा वितरण की प्रक्रिया को गति देने को कहा। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि 31 जुलाई तक सभी लाभान्वित हितग्राहियों की विस्तृत जानकारी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही ‘स्वामित्व योजना’ के तहत कार्ड वितरण के कार्य को भी आगामी तीन महीनों में पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है, ताकि ग्रामीण अपनी संपत्ति का कानूनी अधिकार प्राप्त कर सकें।
बैठक में आगामी मौसम और संभावित आपदाओं को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। मंत्री वर्मा ने आकाशीय बिजली (गाज) से होने वाली जनहानि को रोकने के लिए पुख्ता उपाय करने और स्कूल व अस्पताल भवनों की सुरक्षा जांच के निर्देश दिए। उन्होंने अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए आवंटित बजट का समुचित उपयोग करने और चिन्हित जिलों में तत्काल कार्यवाही करने की बात कही।

प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से तहसीलदारों के लिए नए वाहन क्रय करने और राजस्व निरीक्षकों के कार्यभार को संतुलित करने पर विचार-विमर्श किया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नायब तहसीलदारों की परिवीक्षा अवधि और तहसीलदारों की पदोन्नति की प्रक्रिया को हर साल एक निश्चित समय पर पूरा किया जाए, ताकि विभाग का मनोबल बना रहे। उन्होंने विभागीय बजट वर्ष 2025-26 के खर्चों और आगामी बजट 2026-27 की कार्ययोजना पर भी विस्तार से मंथन किया।
अंत में, मंत्री श्री वर्मा ने राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान रायपुर जिले की धीमी प्रगति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि लक्ष्य के अनुरूप वसूली न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। उन्होंने ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ जैसी हितग्राही मूलक योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए ताकि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँच सके।

