रायपुर, 16 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रणाली की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान, मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत नवचयनित 430 प्रयोगशाला परिचारकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने सभी नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके सफल करियर की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छत्तीसगढ़ में अब भर्ती प्रक्रियाओं को निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाने के लिए कड़े सुधार लागू किए गए हैं, ताकि किसी भी प्रतिभाशाली युवा के साथ अन्याय न हो। प्रशासन में शुचिता लाने के लिए ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ का गठन और मंत्रालय के कार्यों को ई-प्रणाली से जोड़ना इसी दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं।
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी व्यवस्थाओं में हुई गड़बड़ियों, जैसे पीएससी घोटाले की जांच अब सीबीआई (CBI) के हाथों में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अनुचित साधनों के विरुद्ध कठोर कानूनी प्रावधान किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, युवाओं की सुविधा के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ के माध्यम से एक निश्चित ‘परीक्षा कैलेंडर’ तैयार किया जा रहा है, जिससे समयबद्ध भर्तियां सुनिश्चित हो सकेंगी।
राज्य की आर्थिक प्रगति और रोजगार के अवसरों पर बात करते हुए श्री साय ने कहा कि केवल सरकारी नौकरी ही नहीं, बल्कि निजी क्षेत्र में भी स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। नई औद्योगिक नीति के माध्यम से उद्योगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि छत्तीसगढ़ के युवा स्वावलंबी बन सकें। उन्होंने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान दें।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि यह भर्ती प्रक्रिया सुशासन और पारदर्शिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने बताया कि पदस्थापना के दौरान भी पूरी निष्पक्षता बरतने के लिए काउंसलिंग प्रणाली का सहारा लिया गया है। मंत्री वर्मा ने विश्वास जताया कि यह नई पीढ़ी ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में मील का पत्थर साबित होगी। हाल के दिनों में लैब टेक्नीशियन और अब प्रयोगशाला परिचारकों की नियुक्तियां सरकार की सक्रिय कार्यशैली का प्रमाण हैं।
समारोह के अंत में उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने चयनित युवाओं को उनके उत्तरदायित्वों की याद दिलाई और उन्हें सेवा भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस गरिमामय कार्यक्रम में उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में नवनियुक्त अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जिससे पूरा परिसर उत्साह और नई ऊर्जा से सराबोर दिखा।

