रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में सुशासन की जड़ों को और अधिक मजबूत करने के लिए वर्ष 2025 की सफलता के बाद अब “सुशासन तिहार 2026” का भव्य आयोजन करने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस महत्वाकांक्षी अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों को पारदर्शी और त्वरित सेवाएं प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए प्रशासनिक तंत्र को पूरी मुस्तैदी से काम करना होगा।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में जन शिकायतों के समयबद्ध निवारण को सुशासन की आधारशिला बताया है। उन्होंने कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि 30 अप्रैल 2026 तक जिलों में लंबित सभी महत्वपूर्ण प्रकरणों के निराकरण के लिए एक विशेष मिशन मोड अभियान चलाया जाए। इस चरण में विशेष रूप से भूमि संबंधी विवादों जैसे नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि ग्रामीण और किसान वर्ग को राहत मिल सके।
अभियान के अंतर्गत केवल राजस्व मामले ही नहीं, बल्कि आम जीवन से जुड़ी बुनियादी समस्याओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसमें मनरेगा की लंबित मजदूरी का भुगतान, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जारी करना, बिजली और ट्रांसफार्मर की खराबी को दूर करना तथा खराब हैंडपंपों के सुधार जैसे कार्यों को त्वरित गति से निपटाने के आदेश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र नागरिक सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटे।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक कल्याण की योजनाओं पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए 1 मई से 10 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ये शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों के समूह और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर लगाए जाएंगे, जहां मौके पर ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इस बार त्रिस्तरीय निगरानी तंत्र बनाया गया है। शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक महीने के भीतर निराकरण करना अनिवार्य होगा और इसकी सूचना संबंधित आवेदक को भी दी जाएगी। अभियान के दौरान मंत्रियों, सांसदों, विधायकों के साथ-साथ मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव भी शिविरों का औचक निरीक्षण करेंगे, जिससे व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनी रहे और जनसंवाद का सीधा मंच तैयार हो सके।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अभियान के दौरान स्वयं सक्रिय भूमिका में रहेंगे। वे विभिन्न जिलों का दौरा कर विकास कार्यों का औचक निरीक्षण करेंगे और सीधे जनता से मिलकर फीडबैक प्राप्त करेंगे। निरीक्षण के बाद वे जिला मुख्यालयों पर समीक्षा बैठकें करेंगे और प्रेस के माध्यम से जनता को प्रगति की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री ने इस अभियान को एक ‘जन आंदोलन’ का स्वरूप देने की अपील की है ताकि जनभागीदारी से छत्तीसगढ़ को सुशासन का मॉडल बनाया जा सके।

