छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए राज्य की साय सरकार ने स्कूली बच्चों और आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में सूरज के तल्ख तेवर और लू (Heatwave) की स्थिति को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोपरि रखा गया है। सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के सभी स्कूलों में 20 अप्रैल से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू कर दिया जाएगा, ताकि छात्रों को चिलचिलाती धूप में स्कूल न जाना पड़े।
स्कूलों में छुट्टियों के ऐलान के साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के समय में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इस संबंध में विभाग द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टरों को आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। नए आदेश के तहत अब आंगनबाड़ी केंद्रों के खुलने और बंद होने का समय बदल गया है, जिससे छोटे बच्चों को दोपहर की भीषण तपन से राहत मिलेगी।
संशोधित समय सारिणी के अनुसार, अब आंगनबाड़ी केंद्र सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक ही संचालित होंगे। इससे पहले इन केंद्रों का संचालन लगभग 6 घंटे तक होता था, जिसे अब घटाकर 4 घंटे कर दिया गया है। समय में यह 2 घंटे की कटौती इसलिए की गई है ताकि बच्चे सूरज की सीधी किरणों और दोपहर की लू की चपेट में आने से बच सकें और सुरक्षित अपने घर पहुँच सकें।
प्रशासनिक स्तर पर लिए गए इस निर्णय के साथ-साथ स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने अभिभावकों से भी विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में छोटे बच्चों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे अधिक होता है। इसलिए, माता-पिता को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें।
गर्मी के इस दौर में बच्चों के खान-पान पर ध्यान देना भी अत्यंत आवश्यक है। अधिकारियों ने सुझाव दिया है कि बच्चों को समय-समय पर पर्याप्त पानी, ओआरएस घोल और ठंडे तरल पदार्थ देते रहें। साथ ही, उन्हें घर के सबसे ठंडे और हवादार हिस्से में रखें ताकि उनके शरीर का तापमान सामान्य बना रहे। सरकार का यह कदम प्रदेश में बढ़ते गर्मी के संकट के बीच बच्चों को सुरक्षित रखने की एक सराहनीय कोशिश है।


