रायपुर, 5 अप्रैल 2026 – छत्तीसगढ़ में ‘हर घर नल से जल’ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ी वित्तीय सफलता हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य सरकार ने मिशन की महत्ता को देखते हुए अपने हिस्से की 3,000 करोड़ रुपए की पूरी राशि अग्रिम के रूप में जारी कर दी थी। इस तत्परता का परिणाम यह रहा कि मिशन के कार्यों को बिना किसी रुकावट के गति मिली और अब भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा 536 करोड़ 53 लाख रुपए की राशि प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के रूप में राज्य को वापस जारी कर दी गई है।
केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन की समय-सीमा को बढ़ाकर अब दिसंबर 2028 कर दिया गया है, जिसके बाद अब इसे ‘जल जीवन मिशन 2.0’ के रूप में संचालित किया जा रहा है। इस विस्तारित अवधि का उद्देश्य न केवल शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना है, बल्कि स्थापित किए जा चुके बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और दीर्घकालिक संचालन को भी सुनिश्चित करना है। राज्य के ग्रामीण अंचलों में पाइपलाइन विस्तार और नल कनेक्शन देने का कार्य अब इसी नए चरण के तहत नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस योजना का मुख्य केंद्र ग्रामीण परिवारों को उनके घर पर ही शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। मिशन 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के दूरस्थ गांवों में भी पाइप के माध्यम से पानी पहुँचाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं को पानी के लिए होने वाली मशक्कत से मुक्ति मिल रही है। राज्य शासन की सक्रिय वित्तीय भागीदारी और केंद्र से प्राप्त प्रतिपूर्ति राशि से यह स्पष्ट है कि प्रशासन दिसंबर 2028 तक हर ग्रामीण घर को जल से जोड़ने के लक्ष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

