अप्रैल 2026 में होने वाले 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर देश में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। केरल के दौरे पर पहुंचे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कोट्टायम में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून के जरिए सरकार एक तरफा नियम बना रही है, जिससे केवल आरएसएस (RSS) जैसे संगठनों को विदेशी फंड मिल सकेगा, जबकि अन्य संस्थाओं पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं। राहुल ने पीएम मोदी और केरल के मुख्यमंत्री के बीच गुप्त सांठगांठ का दावा करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया।
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बेल्दा की रैली में भाजपा पर तीखे हमले किए। उन्होंने मतदाताओं को आगाह किया कि भाजपा समाज के विभिन्न वर्गों के बीच नफरत फैलाकर चुनाव जीतना चाहती है और चुनाव खत्म होते ही जनता को मिलने वाली मुफ्त गैस और नकद सहायता बंद कर दी जाएगी। इधर, दिल्ली में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर टीएमसी पर बंगाल में चुनाव ‘हाईजैक’ करने और वोटरों को डराने-धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है।
दक्षिण भारत में भी चुनावी हलचल अपने चरम पर है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने आज अपनी पारंपरिक कोलाथुर सीट से नामांकन दाखिल किया, वहीं अभिनेता से राजनेता बने विजय (TVK प्रमुख) ने पेरम्बूर सीट से पर्चा भरकर अपनी चुनावी पारी का औपचारिक आगाज कर दिया है। इसी बीच, केरल में चुनाव आयोग ने उन लोगों के लिए ‘घर से वोटिंग’ (Vote from Home) की प्रक्रिया शुरू कर दी है जो मतदान केंद्र तक आने में असमर्थ हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया में तकनीक और सुविधा का मेल देखने को मिल रहा है।
असम में भी चुनाव प्रचार जोरों पर है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमो ऐप के जरिए जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया और उन्हें जीत का मंत्र दिया। सभी पार्टियों के दिग्गज नेता अब चुनावी मैदान में पूरी ताकत झोंक रहे हैं, जिससे आने वाले हफ्तों में मुकाबला और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है।

