छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज 28 मार्च 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन समीक्षा बैठक। पश्चिम एशिया में उपजे वैश्विक तनाव को देखते हुए आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने सभी संभागीय आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे जमीनी स्तर पर वस्तुओं की उपलब्धता की कड़ी निगरानी करें ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक का मुख्य केंद्र रसोई गैस (LPG), पेट्रोल, डीजल और कृषि उर्वरकों की आपूर्ति व्यवस्था रही। मुख्यमंत्री ने तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और खाद्य विभाग के अधिकारियों को भंडारण क्षमता की जांच करने और निरंतर वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता का प्रभाव राज्य की रसद आपूर्ति पर नहीं पड़ना चाहिए। साथ ही, भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों को देखते हुए उन्होंने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विस्तार और उनकी संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की, ताकि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाई जा सके।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस विभाग को अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट की स्थिति में कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के माध्यम से पैनिक फैलाने की कोशिश कर सकते हैं, जिन पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस महानिरीक्षकों और पुलिस आयुक्तों को निर्देशित किया गया है कि वे सूचना तंत्र को मजबूत करें और जनता के बीच सुरक्षा का भाव बनाए रखें।
मुख्यमंत्री ने जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले तत्वों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का कृत्रिम संकट पैदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाजारों का नियमित निरीक्षण करें और सुनिश्चित करें कि आवश्यक वस्तुएं निर्धारित कीमतों पर ही उपलब्ध हों। इस बैठक में खाद्य, उद्योग, कृषि और खनिज जैसे महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ सचिव भी मौजूद रहे, जिन्हें आपसी समन्वय से काम करने को कहा गया है।

