अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय स्थित संजय पार्क से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ सुरक्षा के दावों के बीच 4 से 5 आवारा कुत्तों ने हिरणों के बाड़े में घुसकर उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में कुल 15 हिरणों की दर्दनाक मौत हो गई है। घटना की पुष्टि करते हुए डीएफओ (DFO) अभिषेक जोगावत ने इसे पार्क प्रबंधन और वन विभाग की एक बड़ी और गंभीर लापरवाही करार दिया है।
इस मामले में विभाग की कार्यप्रणाली तब और संदिग्ध हो गई, जब घटना को सार्वजनिक करने के बजाय उसे दबाने की कोशिश की गई। मिली जानकारी के अनुसार, पार्क प्रबंधन ने आनन-फानन में 14 हिरणों के शवों को पार्क के पीछे जंगल में ले जाकर चुपचाप जला दिया। साक्ष्यों को नष्ट करने की इस कोशिश ने प्रशासन की मंशा पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि एक हिरण का शव काफी समय तक बाड़े के भीतर ही पड़ा रहा, जिसे बाद में अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया।
घटना की गंभीरता और प्रशासनिक चूक को देखते हुए डीएफओ अभिषेक जोगावत ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसडीओ (SDO) के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया है। इस टीम को पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर 2 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया गया है। फिलहाल वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और इस बात की जांच की जा रही है कि बाड़े की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।
स्थानीय निवासियों और वन्यजीव प्रेमियों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। संजय पार्क जैसे संरक्षित क्षेत्र में कुत्तों का प्रवेश और इतनी बड़ी संख्या में वन्यजीवों की मौत ने विभाग की मॉनिटरिंग और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब सभी की नजरें दो दिन बाद आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ होगा कि इस अक्षम्य लापरवाही के लिए जिम्मेदार दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

