रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का समापन आज भारी गहमागहमी के बीच होने के आसार हैं। सदन की कार्यवाही में आज सबसे प्रमुख मुद्दा सरकारी कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा ‘NPS बनाम OPS’ (पुरानी पेंशन योजना) का रहेगा। भाजपा विधायक पुन्नूलाल मोहले इस विषय पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग करेंगे, जिससे कर्मचारियों के बीच जारी संशय की स्थिति पर विराम लग सके। विपक्ष इस मुद्दे के जरिए सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है, क्योंकि यह राज्य के लाखों परिवारों के आर्थिक हितों से सीधा जुड़ा हुआ मामला है।
सदन में आज लोक भर्ती परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एक महत्वपूर्ण कदम उठाएंगे। वे ‘छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती-व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026’ पेश करेंगे। हाल के वर्षों में पेपर लीक और नकल जैसी घटनाओं से युवाओं में पनपे आक्रोश को देखते हुए, यह विधेयक दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। इसके साथ ही, भर्ती प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक’ भी चर्चा के लिए पटल पर रखा जाएगा।
पर्यावरण और पर्यटन के क्षेत्र में कथित अनियमितताओं को लेकर भी सदन में तीखी बहस होने की संभावना है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत उद्योगों से निकलने वाले खतरनाक अपशिष्ट (Hazardous Waste) के प्रबंधन का मुद्दा उठाकर सरकार को पर्यावरण सुरक्षा के मोर्चे पर जवाबदेह ठहराएंगे। वहीं, डोंगरगढ़ में ‘प्रसाद योजना’ के अंतर्गत श्री यंत्र भवन के निर्माण और मैनपाट के ‘कर्मा एथनिक रिसॉर्ट’ के संधारण में हुई कथित वित्तीय गड़बड़ियों पर भी विपक्ष के हमलावर रुख की उम्मीद है।
आज की कार्यसूची में कुल 71 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव शामिल किए गए हैं, जो स्थानीय समस्याओं की गंभीरता को दर्शाते हैं। रायपुर शहर में ठप पड़ी सिटी बस सेवा का मुद्दा विधायक सुनील सोनी द्वारा उठाया जाएगा, जिस पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव जवाब देंगे। राजधानी की चरमराई यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक परिवहन की बदहाली पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, रायपुर संभाग में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और वहां हो रही अनियमितताओं पर भी विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है।
विधायी कार्यों के अंतिम चरण में वाणिज्यिक कर मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा ‘छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक’ पर चर्चा का प्रस्ताव रखा जाएगा। आज के सत्र का मुख्य फोकस राज्य की भावी भर्ती नीतियों और विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता लाने पर रहेगा। सत्र के अंतिम दिन इतनी बड़ी संख्या में ध्यानाकर्षण प्रस्तावों का होना यह स्पष्ट करता है कि विपक्ष हर मोर्चे पर सरकार से जवाब मांगने के लिए मुस्तैद है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन चुनौतियों का सामना किस प्रकार करती है और जनहित से जुड़े इन विधेयकों को कितनी सुगमता से पारित करा पाती है।

