छत्तीसगढ़ भाजपा ने सांगठनिक मजबूती की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यसमिति की विधिवत घोषणा कर दी है। इस नई टीम के माध्यम से पार्टी का लक्ष्य राज्य भर के सेवानिवृत्त सैनिकों को एक मंच पर लाना और उनके अनुशासन व अनुभव का लाभ जमीनी स्तर पर उठाना है। कार्यसमिति के गठन के बाद से ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है, जिसे आगामी स्थानीय और सांगठनिक चुनावों के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।


प्रदेश नेतृत्व ने इस समिति में क्षेत्रीय संतुलन और वरिष्ठता का विशेष ध्यान रखा है, ताकि बस्तर से लेकर सरगुजा तक पूर्व सैनिकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके। पार्टी का मानना है कि यह प्रकोष्ठ न केवल पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए कार्य करेगा, बल्कि भाजपा के राष्ट्रवादी विजन को घर-घर तक पहुँचाने में भी ‘अग्रिम पंक्ति’ की भूमिका निभाएगा। आने वाले दिनों में इस प्रकोष्ठ के माध्यम से कई बड़े आयोजनों और संपर्क अभियानों की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे राज्य की राजनीति में भाजपा की पकड़ और अधिक मजबूत होने की संभावना है।

