रायपुर। छत्तीसगढ़ की धरती एक बार फिर राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। प्रदेश में आगामी 25 मार्च से 6 अप्रैल, 2026 तक ‘खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस 13 दिवसीय खेल उत्सव में देश के 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लगभग 3000 जनजातीय खिलाड़ी सात अलग-अलग खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। मेजबान छत्तीसगढ़ की ओर से 164 खिलाड़ियों का दल मैदान में उतरेगा, जिसमें 86 पुरुष और 78 महिला खिलाड़ी शामिल हैं।
आयोजन की भव्यता को देखते हुए इसे प्रदेश के तीन प्रमुख केंद्रों—रायपुर, जगदलपुर (बस्तर) और अंबिकापुर (सरगुजा) में विभाजित किया गया है। राजधानी रायपुर मुख्य केंद्र होगा जहाँ पांच खेलों की स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी, जबकि बस्तर और सरगुजा के संभागीय मुख्यालयों में एक-एक खेल संपन्न होंगे। वर्तमान में सभी चयनित खेल स्थलों और मैदानों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि देश के कोने-कोने से आने वाले खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय अनुभव मिल सके।
खेलों के विवरण के अनुसार, रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय और स्वामी विवेकानंद एथलेटिक्स स्टेडियम (कोटा) में फुटबॉल के मुकाबले होंगे। हॉकी की स्पर्धाएं सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में, तैराकी अंतरराष्ट्रीय स्वीमिग पूल में और तीरंदाजी खेल विभाग के ओपन मैदान में आयोजित की जाएंगी। वहीं, जगदलपुर के धरमपुरा क्रीड़ा परिसर को एथलेटिक्स के लिए और अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम को कुश्ती के लिए पूरी तरह तैयार किया गया है।
इस राष्ट्रीय आयोजन का एक अन्य आकर्षण दो पारंपरिक खेलों—कबड्डी और मलखंब का ‘डेमो गेम्स’ के रूप में शामिल होना है। रायपुर के सरदार बलबीर सिंह इंडोर स्टेडियम में कबड्डी के रोमांचक मैच देखने को मिलेंगे, जबकि अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में मलखंब का प्रदर्शन होगा। 25 मार्च से शुरू होने वाला यह आयोजन न केवल जनजातीय खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और खेल क्षमता को भी पूरे देश के सामने मजबूती से रखेगा।

