छत्तीसगढ़ विधानसभा में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि पोर्टा केबिन हाई स्कूल छात्रावास की तीन छात्राओं के गर्भवती होने की खबरें पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं। शिक्षा विभाग द्वारा कराई गई तथ्यात्मक जांच में पाया गया कि वायरल समाचार में कोई सच्चाई नहीं है और संस्था की छवि को गलत तरीके से प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, जिन तीन छात्राओं का उल्लेख समाचार में किया गया था, उनमें से दो छात्राएं पोर्टा केबिन छात्रावास की निवासी ही नहीं हैं। वे स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय, गंगालूर की छात्राएं हैं और प्रतिदिन अपने घर से ही स्कूल आना-जाना करती हैं। उनका छात्रावास प्रबंधन से कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया।
तीसरी छात्रा के विषय में मंत्री ने बताया कि वह पूर्व में छात्रावास में रहती थी, लेकिन अक्टूबर 2025 में दीपावली की छुट्टियों पर घर जाने के बाद वह वापस नहीं लौटी। 6 नवंबर 2025 को उसने स्वेच्छा से छात्रावास छोड़कर घर से ही स्कूल आने का आवेदन दिया था। तब से वह छात्रावास में निवास नहीं कर रही है और अपनी मर्जी से बाहर रहकर पढ़ाई कर रही है।
सरकार ने सदन को आश्वस्त किया कि किसी भी छात्रा को छात्रावास से निष्कासित नहीं किया गया है। विभाग ने छात्राओं और उनके अभिभावकों के आधिकारिक बयान भी दर्ज किए हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि वायरल खबर तथ्यों से परे है। सरकार ने इस मामले में संवेदनशीलता बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

