छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतिम चालान पेश कर दिया है। करीब 3000 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले में ईडी ने कुल 81 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह घोटाला शराब के निर्माण, वितरण और बिक्री के दौरान अवैध कमीशन और सिंडिकेट के जरिए अंजाम दिया गया।
ईडी की चार्जशीट में कई पूर्व अधिकारी, कारोबारी और अन्य प्रभावशाली लोगों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। एजेंसी का दावा है कि घोटाले से अर्जित अवैध धन को विभिन्न माध्यमों से खपाया गया और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए उसे वैध दिखाने की कोशिश की गई। जांच के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्ति और दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं, जो इस संगठित आर्थिक अपराध की ओर इशारा करते हैं।
अंतिम चालान दाखिल होने के बाद अब मामले में न्यायिक प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। राजनीतिक गलियारों में भी इस कार्रवाई को लेकर हलचल बढ़ गई है और विपक्ष इसे राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा शराब घोटाला बता रहा है। वहीं, ईडी का कहना है कि कानून के तहत आगे की कार्रवाई और ट्रायल के दौरान सभी तथ्यों को अदालत के सामने रखा जाएगा।

