केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वर्ष 2026 को ध्यान में रखते हुए सड़क परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा रोडमैप तैयार किया है। इस रोडमैप के तहत देशभर में मौजूदा टोल प्लाजा आधारित व्यवस्था को धीरे-धीरे हटाकर नए टेक्नोलॉजी आधारित टोल सिस्टम को लागू करने की तैयारी है। नए सिस्टम में जीपीएस और सैटेलाइट आधारित टोल कलेक्शन को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे यात्रियों को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
इसके साथ ही मंत्रालय सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कानून लाने की दिशा में भी काम कर रहा है। प्रस्तावित नियमों के तहत ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने के साथ कड़े दंड का प्रावधान किया जा सकता है। इसके अलावा ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां सड़क डिज़ाइन में सुधार, आधुनिक संकेतक और स्मार्ट निगरानी सिस्टम लगाने की योजना है।
सड़क परिवहन मंत्रालय का मानना है कि इन सुधारों से न केवल लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी बल्कि सड़क हादसों में भी बड़ी गिरावट आएगी। 2026 के रोडमैप का उद्देश्य सुरक्षित, तेज और पारदर्शी सड़क परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ उद्योग और व्यापार जगत को भी सीधा लाभ मिल सके।

