नई दिल्ली/गरियाबंद। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पीसीसी संयुक्त महामंत्री विनोद तिवारी को दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की एक विशेष टीम ने तिवारी को उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से उस समय हिरासत में लिया, जब वे वहां एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस बड़ी कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल आ गया है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई 3 फरवरी को सोशल मीडिया पर की गई एक विवादास्पद पोस्ट से जुड़ी है। सूत्रों का कहना है कि उक्त पोस्ट को लेकर दिल्ली में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की तकनीकी जांच शुरू की। जांच में साक्ष्य मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश पहुंचकर विनोद तिवारी को दबोच लिया। फिलहाल पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है।
इस गिरफ्तारी की खबर मिलते ही गरियाबंद सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई को ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र की भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं की आवाज को दबाने के लिए पुलिस बल का दुरुपयोग कर रही है और एक पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट को आधार बनाकर द्वेषपूर्ण कार्रवाई की जा रही है।
गरियाबंद में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि विनोद तिवारी को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। प्रदर्शन में दर्जनों पदाधिकारी शामिल रहे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और अधिक तेज होना तय है।

