रायपुर/कोरबा: छत्तीसगढ़ के औद्योगिक मानचित्र पर कोरबा जिला एक नई इबारत लिखने जा रहा है। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम एवं आबकारी मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कोरबा के दर्री तहसील अंतर्गत ग्राम गोपालपुर में नवीन औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हेतु अधोसंरचना विकास कार्यों का भव्य भूमिपूजन संपन्न हुआ। मंत्री श्री देवांगन ने विधिवत पूजा-अर्चना कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस अवसर पर मंच को संबोधित करते हुए मंत्री श्री देवांगन ने इसे कोरबा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने साझा किया कि वर्ष 1980 के लंबे अंतराल के बाद जिले में किसी नए औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। लगभग 10.900 हेक्टेयर (27 एकड़) भूमि पर विकसित होने वाला यह क्षेत्र ₹10.59 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना केवल ईंट और पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि “विकसित कोरबा 2047” के विजन की एक मजबूत नींव साबित होगी।
राज्य की नई औद्योगिक नीति की सराहना करते हुए मंत्री जी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उद्योगों की स्थापना को सुगम बनाया गया है। अब सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से निवेशकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, जिससे प्रक्रियाएं पारदर्शी और समयबद्ध हो गई हैं। विशेष रूप से सामाजिक समावेश को बढ़ावा देने के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के उद्यमियों को मात्र ₹1 में भूमि उपलब्ध कराने का क्रांतिकारी निर्णय लिया गया है, ताकि हर वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।
समारोह में छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट कार्पोरेशन (CSIDC) के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल ने तकनीकी और नीतिगत पहलुओं पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गोपालपुर के इस नए औद्योगिक क्षेत्र में कुल 44 इकाइयों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे। सरकार की मंशा है कि कोरबा की पहचान केवल कोयला और बिजली उत्पादन तक सीमित न रहे, बल्कि इसे विभिन्न प्रकार के उद्योगों के एक हब के रूप में नई पहचान दिलाई जाए।

श्री अग्रवाल ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि नई नीति के तहत पात्र इकाइयों को उनके कुल निवेश का लगभग 65 प्रतिशत तक सहायता और अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे न केवल बड़े उद्योगपति बल्कि स्थानीय युवा और नवोदित उद्यमी भी अपने स्टार्टअप और लघु उद्योग आसानी से शुरू कर पाएंगे। भूमि आवंटन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हुई है।
CSIDC के प्रबंध निदेशक श्री विश्वेश कुमार ने परियोजना की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अधोसंरचना विकास के लिए टेंडर की प्रक्रिया जारी है और इसे बेहद व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाएगा। उन्होंने “वन क्लिक सिंगल विंडो” प्रणाली के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि एमएसएमई और स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन देना विभाग की प्राथमिकता है, ताकि निवेशकों को एक ही मंच पर सभी आवश्यक सुविधाएं और अनुमतियां प्राप्त हो सकें।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस पहल का स्वागत किया। विधायक श्री प्रेमचंद्र पटेल और महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि इस औद्योगिक क्षेत्र के आने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और पलायन जैसी समस्याओं पर लगाम लगेगी। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह और कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस परियोजना को समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का संकल्प दोहराया।
अंत में, मंत्री श्री देवांगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के सपने को साकार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब छत्तीसगढ़ के हर जिले का औद्योगिक आधार मजबूत होगा, तभी हम विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त कर पाएंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे, जिन्होंने इस नई शुरुआत का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

