छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की सुरक्षित जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वन विभाग की टीम ने यह कार्रवाई तब की जब सैटेलाइट इमेज और जमीनी गश्ती के दौरान रिजर्व क्षेत्र के भीतर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई और अतिक्रमण का पता चला।
आरोपी पर आरोप है कि उसने टाइगर रिजर्व के बफर जोन में लगभग 5 हेक्टेयर (करीब 12 एकड़) घने जंगल को उजाड़ दिया। विभाग के अनुसार, आरोपी ने न केवल कीमती पेड़ों को काटकर क्षेत्र को साफ किया, बल्कि वहां खेती करने के उद्देश्य से जमीन पर कब्जा करने की कोशिश भी की। यह क्षेत्र बाघों और अन्य दुर्लभ वन्यजीवों के आवागमन के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है।
वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और भारतीय वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि वनों की कटाई से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचा है, बल्कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास (habitat) के छिनने से भविष्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी बढ़ गई है। प्रशासन अब इस मामले में संलिप्त अन्य लोगों की भी तलाश कर रहा है।
इस कार्रवाई को छत्तीसगढ़ में वन माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि टाइगर रिजर्व की सीमाओं के भीतर किसी भी प्रकार की मानवीय गतिविधि या अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ड्रोन और सैटेलाइट निगरानी को और तेज किया जाएगा।

