अमेरिका के आंतरिक राजस्व सेवा (IRS) विभाग द्वारा टैक्स रिटर्न के मुख्य फॉर्म यानी फॉर्म 1040 के नए ड्राफ्ट में एक बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस नए प्रस्ताव के तहत टैक्स फॉर्म में करदाताओं से उनकी नागरिकता और अमेरिका में कानूनी रूप से काम करने के अधिकार (Citizenship Status) के बारे में स्पष्ट जानकारी मांगी जाएगी। ट्रंप प्रशासन के इस संभावित कदम के सामने आने के बाद से ही अमेरिका में रहने वाले लाखों प्रवासियों और उनके परिवारों के बीच गहरी चिंता और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
पारंपरिक रूप से अमेरिका में टैक्स प्रणाली का मुख्य उद्देश्य केवल कर वसूलना और यह सुनिश्चित करना रहा है कि हर कोई अपनी आमदनी पर सही टैक्स दे। अमेरिकी कानून के तहत, कई ऐसे अप्रवासी जिनके पास नागरिकता या वैध ग्रीन कार्ड नहीं है, वे भी व्यक्तिगत टैक्स पहचान संख्या (ITIN) का उपयोग करके नियमित रूप से अपना टैक्स रिटर्न दाखिल करते रहे हैं। वे ऐसा इसलिए करते हैं ताकि भविष्य में कानूनी स्थिति बदलने पर उनके पास कर भुगतान का एक साफ-सुथरा रिकॉर्ड मौजूद रहे।
हालांकि, नए ड्राफ्ट में नागरिकता का कॉलम जोड़े जाने के बाद जानकारों और प्रवासियों को इस बात का सबसे बड़ा डर सता रहा है कि IRS के पास जमा होने वाला यह डेटा अन्य आव्रजन एजेंसियों (जैसे ICE) के साथ साझा किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो वे लोग सीधे तौर पर अधिकारियों के निशाने पर आ सकते हैं जो अमेरिका में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे हैं या जिनके वीजा व इमिग्रेशन स्टेटस में कुछ पेचीदगियां हैं।
दूसरी ओर, ट्रंप प्रशासन और इस नीति के समर्थकों का तर्क है कि यह कदम कर अनुपालन (Tax Compliance) को मजबूत करने और वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया जा रहा है। उनका मानना है कि कर प्रणाली में देश की नागरिकता और कानूनी स्थिति का स्पष्ट रिकॉर्ड होना प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाएगा, जिससे टैक्स चोरी और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
इसके विपरीत, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और आव्रजन वकीलों का कड़ा विरोध सामने आ रहा है। उनका कहना है कि इस नियम के लागू होने से बहुत से ऐसे अप्रवासी जो ईमानदारी से टैक्स भरना चाहते हैं, वे डर के मारे टैक्स फाइल करने से ही कतराने लगेंगे। इससे न केवल सरकारी खजाने को कर राजस्व के रूप में नुकसान होगा, बल्कि समाज में भय और असुरक्षा का माहौल भी बढ़ेगा।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वर्तमान में यह प्रस्ताव केवल एक ‘ड्राफ्ट’ के रूप में सामने आया है। इस पर सार्वजनिक प्रतिक्रियाएं और कानूनी समीक्षा की प्रक्रिया अभी चल रही है, इसलिए फॉर्म के अंतिम रूप में इस सवाल को संशोधित या हटाया भी जा सकता है। यदि यह मौजूदा रूप में ही पास हो जाता है, तो करदाताओं को साल 2027 की शुरुआत में अपना टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय इस नए प्रावधान का सामना करना पड़ सकता है।

