छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ समय से जारी भीषण गर्मी और तपिश के बीच अब राहत की उम्मीद नजर आ रही है। हालांकि पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव महसूस नहीं किया गया है, लेकिन राज्य के कुछ हिस्सों में छिटपुट बादल गरजने और तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले तीन दिनों में प्रदेश भर में मौसमी गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे लोगों को चिलचिलाती धूप से कुछ हद तक निजात मिल सकती है।
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सोमवार को हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। बस्तर संभाग के गादीरास में सबसे ज्यादा 2 सेमी बारिश हुई, जबकि जगरगुंडा, दरभा, लोहांडीगुड़ा और नारायणपुर जैसे क्षेत्रों में 1 सेमी तक पानी गिरा। बारिश के बावजूद कुछ इलाकों में गर्मी का प्रकोप चरम पर रहा, जहां राजनांदगांव 44 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला बना रहा। वहीं, पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा।
मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा के अनुसार, इस मौसमी बदलाव के पीछे कई भौगोलिक कारण सक्रिय हैं। वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम में सक्रिय है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर एक चक्रीय चक्रवाती घेरा बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, एक द्रोणिका (trough) दक्षिण छत्तीसगढ़ से लेकर मणिपुर तक फैली हुई है। इन सिस्टम्स के संयुक्त प्रभाव के कारण बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है, जो प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति पैदा कर रही है।
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 5 और 6 मई को प्रदेश के लगभग सभी संभागों में वर्षा की संभावना है। इस दौरान अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। हालांकि, यह राहत अस्थायी हो सकती है क्योंकि मौसम वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि इस दौर के खत्म होने के बाद तापमान में फिर से धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी और गर्मी अपना सख्त रुख दिखाएगी।
विशेष रूप से उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों के लिए मौसम विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जैसे जिलों में अगले कुछ घंटों में भारी मेघगर्जन, आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने की चेतावनी दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने इन क्षेत्रों के निवासियों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
राजधानी रायपुर के लिए भी स्थानीय पूर्वानुमान जारी किया गया है। रायपुर में आज आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है और शाम तक गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा हो सकती है। शहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के करीब रहेगा। बादलों की आवाजाही से धूप की तीव्रता में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है।
कृषि विशेषज्ञों ने इस असमय बारिश और अंधड़ को देखते हुए किसानों को भी सतर्क रहने को कहा है। जिन किसानों की फसलें खलिहानों में खुली पड़ी हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। साथ ही, तेज हवाओं के कारण बिजली के बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुँचने की आशंका जताई गई है, जिससे कुछ इलाकों में बिजली कटौती की समस्या हो सकती है।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में अगले 72 घंटे मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव भरे रहने वाले हैं। एक ओर जहां तापमान में गिरावट से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर अंधड़ और बिजली गिरने की घटनाओं से जोखिम भी बना रहेगा। मौसम विभाग लगातार बदलती परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लें और अपनी यात्रा व बाहरी कार्यों की योजना उसी के अनुरूप बनाएं।

