अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीतिक परंपराओं को दरकिनार करते हुए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा के दौरान उनके स्वागत के लिए खुद राष्ट्रपति ट्रंप जॉइंट बेस एंड्रयूज (एयरपोर्ट) पहुंचे। अमेरिकी राजनीतिक इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने व्यक्तिगत रूप से रनवे पर जाकर चीनी शीर्ष नेता की अगवानी की हो।
सामान्य कूटनीतिक प्रोटोकॉल के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति विदेशी राष्ट्राध्यक्षों का स्वागत व्हाइट हाउस में ही करते हैं। इससे पहले मई महीने में जब डोनाल्ड ट्रंप ने चीन की राजकीय यात्रा की थी, तब राष्ट्रपति शी जिनपिंग एयरपोर्ट पर नहीं आए थे और उनके स्वागत की जिम्मेदारी चीन के उपराष्ट्रपति को सौंपी गई थी। इसके बावजूद ट्रंप द्वारा व्यक्तिगत रूप से रनवे पर जाकर शी जिनपिंग का स्वागत करना पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है।
विशेषज्ञ इसे व्यक्तिगत कूटनीति और शिष्टाचार के आदान-प्रदान के रूप में देख रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति का यह अंदाज यह साबित करता है कि दुनिया की इन दो महाशक्तियों के बीच भले ही रणनीतिक प्रतिस्पर्धा जारी हो, लेकिन दोनों नेता सीधे संवाद और व्यक्तिगत संबंधों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
इस उच्च-स्तरीय शिखर वार्ता का एजेंडा बेहद व्यापक और गंभीर है। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच मुख्य रूप से व्यापारिक समझौते, टैरिफ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर चिप्स और रेयर अर्थ मिनरल्स (दुर्लभ खनिज) से जुड़े रणनीतिक मुद्दों पर गहन चर्चा की उम्मीद है।
एयरपोर्ट पर भव्य अगवानी के अलावा व्हाइट हाउस में एक विशेष ‘स्टेट डिनर’ का भी आयोजन किया गया है। इस रात्रिभोज में अमेरिका के कई दिग्गज तकनीकी उद्यमी और कारोबारी नेता, जैसे एलन मस्क, सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन और टिम कुक शामिल हो रहे हैं, जो इस मुलाकात के तकनीकी और आर्थिक महत्व को और अधिक बढ़ा देते हैं।
यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब भू-राजनीतिक मोर्चे और वैश्विक व्यापार पर कई तरह के तनाव बने हुए हैं। ऐसे में ट्रंप और शी जिनपिंग का यह मेल-मिलाप न सिर्फ दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा दे सकता है, बल्कि इसका असर पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

