ओमान तट के पास रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक कमर्शियल मर्चेंट शिप पर हुए घातक टॉरपीडो हमले में एक भारतीय नाविक की मौत का समाचार सामने आया है। एंटीगुआ और बारबुडा के झंडे वाला यह मालवाहक जहाज ‘एमवी केप डाओ’ (MV Cape Dao) खाड़ी क्षेत्र से गुजरते हुए भारत की ओर आ रहा था, तभी यह भीषण हादसे का शिकार हो गया।
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस जलपोत को दो टॉरपीडो ने निशाना बनाया। हमलों के कारण जहाज के रहने वाले हिस्से (C-Deck Accommodation) और इंजन रूम के पास के हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा, जिससे वहां आग लग गई और जहाज की नेविगेशन व इलेक्ट्रिकल प्रणालियां प्रभावित हो गईं।
इस अप्रत्याशित हमले में उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले भारतीय नाविक सूरज यादव की मौत हो गई। वह इस जहाज पर ‘वाइपर’ के पद पर तैनात थे और हमले के दौरान उनके सिर में गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते वह अपनी जान गंवा बैठे।
जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी शामिल थे। ओमान के तटरक्षक बल और रॉयल नेवी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी बचे हुए भारतीय नाविकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया और उन्हें ओमान में तट पर सुरक्षित पहुंचा दिया।
मस्कट स्थित भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। भारतीय मिशन ओमान के स्थानीय प्रशासन और शिपिंग एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि जीवित बचे सभी नाविकों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा सके और मृतक नाविक का पार्थिव शरीर उनके परिवार तक पहुंचाया जा सके।
इस बीच, ‘फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया’ (FSUI) समेत विभिन्न नाविक संगठनों ने हॉर्मुज क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों पर लगातार बढ़ रहे हमलों पर चिंता जताई है। यूनियनों ने संघर्ष वाले क्षेत्रों में काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा के लिए पुख्ता कदम उठाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेही तय करने की मांग की है।
पश्चिम एशिया के संवेदनशील जलक्षेत्रों में इस तरह के हमलों से नागरिक नाविकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सरकार और संबंधित एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।

