दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई (Flydubai) की उड़ान के दौरान हुए ‘आतंकी हमले’ को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और नया खुलासा सामने आया है। ओमान के को-पायलट हम्माम अल-हम्गामी ने विमान के कॉकपिट में अचानक भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छहर पर जानलेवा हमला कर दिया था, जिससे पूरी उड़ान में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी और रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले के दौरान को-पायलट ने कैप्टन स्मित के सिर पर भी गंभीर वार किए। इस वजह से कैप्टन स्मित को ‘डिप्रेस्ड फ्रैक्चर’ (Depressed Fracture) हुआ है, जो सिर की एक बेहद खतरनाक और गंभीर चोट मानी जाती है।
चिकित्सकीय भाषा में ‘डिप्रेस्ड फ्रैक्चर’ तब होता है जब सिर की हड्डी टूट जाती है और उसका एक हिस्सा अंदर की तरफ यानी मस्तिष्क की ओर धंस जाता है। इस प्रकार की गंभीर चोट में टूटी हुई हड्डी सीधे दिमाग पर दबाव डालती है या उसे नुकसान पहुँचाती है, जिसके लिए तुरंत जटिल सर्जरी और आपातकालीन चिकित्सा की आवश्यकता होती है।
सिर के इस गंभीर फ्रैक्चर के अलावा, 38 वर्षीय कैप्टन स्मित को शरीर के अन्य हिस्सों में भी कई चोटें आईं। इनमें उनके अंगों, छाती और ऊपरी पेट के क्षेत्र में गहरे घाव शामिल हैं, जिनका डॉक्टर बारीकी से इलाज कर रहे हैं।
हमले के बाद असहनीय दर्द और तेजी से बह रहे खून के बावजूद, कैप्टन स्मित ने अद्भुत साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने संघर्ष करते हुए कॉकपिट का दरवाजा अंदर से खोला, जिससे अन्य क्रू मेंबर और यात्री तुरंत अंदर घुस सके और हमलावर को-पायलट को दबोचकर काबू में कर सके।
इसके बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक में प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। सऊदी अरब के अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने कैप्टन स्मित की खोपड़ी की जटिल इमरजेंसी सर्जरी कर उनकी जान बचाई।
बेहतर और उन्नत चिकित्सा देखभाल के लिए कैप्टन स्मित को पिछले सप्ताह सऊदी अरब से अबू धाबी एयरलिफ्ट कर लिया गया, जहाँ उन्हें एक सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वर्तमान में विशेष डॉक्टरों की टीम उनकी कड़ी निगरानी कर रही है और उनके परिवार को भी अस्पताल में मिलने की अनुमति दे दी गई है, जबकि कैप्टन अब खतरे से बाहर हैं और तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं।

