दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ और ऐतिहासिक पारी खेलते हुए क्रिकेट जगत में सनसनी फैला दी है। उन्होंने अपनी शानदार बल्लेबाजी के दम पर 179 रनों की मैराथन पारी खेली और इस दौरान पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन का 28 साल पुराना एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। बावुमा की इस जांबाज पारी ने न केवल दक्षिण अफ्रीकी टीम को मुश्किल परिस्थिति से निकाला, बल्कि उन्हें रिकॉर्ड बुक्स में भी अमर कर दिया।
यह मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के गकेबरहा स्थित ऐतिहासिक सेंट जॉर्ज पार्क मैदान पर खेला जा रहा है। मैच की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका की स्थिति बेहद नाजुक थी और शुरुआती विकेट जल्दी गिर जाने के कारण टीम पर पारी के पतन का खतरा मंडरा रहा था। ऐसे समय में कप्तान बावुमा एक चट्टान की तरह क्रीज पर डटे रहे और उन्होंने बेहद जिम्मेदारी के साथ पारी को संभालने का बीड़ा उठाया।
अपनी इस ऐतिहासिक पारी के दौरान तेम्बा बावुमा ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। 36 साल और 154 दिन की उम्र में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में 150 से अधिक रनों की पारी खेलने वाले दुनिया के सबसे उम्रदराज कप्तान का गौरव हासिल कर लिया है। इस मामले में उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
गौरतलब है कि मोहम्मद अजहरुद्दीन ने साल 1998 में 35 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 163 रनों की यादगार पारी खेली थी। अजहरुद्दीन का यह रिकॉर्ड पिछले 28 सालों से टेस्ट क्रिकेट में अजेय बना हुआ था, जिसे अब बावुमा ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और क्लासिक बल्लेबाजी के बल पर तोड़ दिया है।
बावुमा ने अपनी इस मैराथन पारी के दौरान 334 गेंदों का सामना किया और अपनी एकाग्रता का शानदार उदाहरण पेश किया। उन्होंने कंगारू गेंदबाजों के खिलाफ धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन बनाते हुए 18 शानदार चौके और 1 गगनचुंबी छक्का जड़ा। उन्होंने कंगारू गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया और एक छोर को मजबूती से थामे रखा।
कप्तान का साथ देते हुए निचले क्रम के बल्लेबाजों, विशेषकर मार्को जानसेन और साइमन हार्मर ने भी बहुमूल्य योगदान दिया। बावुमा ने इन खिलाड़ियों के साथ मिलकर बेहद अहम और रिकॉर्ड साझेदारियां निभाईं, जिससे दक्षिण अफ्रीका की टीम शुरुआती झटकों से उबरने में पूरी तरह कामयाब रही। इन साझेदारियों की बदौलत दक्षिण अफ्रीका अपनी पहली पारी में 9 विकेट के नुकसान पर 425 रनों के मजबूत स्कोर तक पहुँचने में सफल रहा।
तेम्बा बावुमा की यह शतकीय पारी न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए बेहद खास है, बल्कि दक्षिण अफ्रीकी टीम के मनोबल को भी एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाली है। कठिन परिस्थितियों में कप्तान द्वारा खेली गई इस जिम्मेदारी भरी पारी की पूरी दुनिया में प्रशंसा हो रही है। इस रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन के बाद बावुमा ने साबित कर दिया है कि उम्र केवल एक संख्या है और बेहतरीन तकनीक व जज्बे से किसी भी पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त किया जा सकता है।

