वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में खेले गए दूसरे महिला वनडे मुकाबले में भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे को 121 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया। इस शानदार और दमदार जीत के साथ ही भारतीय महिला टीम ने तीन मैचों की इस वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। मैच का पूरा रोमांच बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन और गेंदबाजों के सटीक आक्रमण के इर्द-गिर्द घूमता रहा।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और शुरुआती ओवरों में ही मात्र 19 रन के अंदर दोनों सलामी बल्लेबाज पवेलियन लौट गए। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के सस्ते में आउट होने के बाद पारी को संभालने की बड़ी जिम्मेदारी कप्तान हरमनप्रीत कौर और प्रतीक रावल पर आ गई।
इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर और प्रतीक रावल ने संभलकर खेलते हुए तीसरे विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी की। प्रतीक रावल ने टीम के लिए संकट के समय में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 61 रनों की बहुमूल्य अर्धशतकीय पारी खेली और स्कोर को आगे बढ़ाया।
प्रतीक रावल के आउट होने के बाद क्रीज पर आईं ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने कप्तान हरमनप्रीत का शानदार साथ निभाया। इन दोनों अनुभवी खिलाड़ियों ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए पांचवें विकेट के लिए रिकॉर्ड 153 रनों की ताबड़तोड़ साझेदारी की।
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैदान के चारों और शॉट्स लगाते हुए शानदार 126 रन (121 गेंद) बनाए, जबकि दीप्ति शर्मा ने अंत तक नाबाद रहते हुए 86 गेंदों पर तूफानी 106 रनों की नाबाद शतकीय पारी खेली। इन दो शतकों की बदौलत भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 328 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत ठीक-ठाक रही और मॉडस्टर मुपचिकवा (49) तथा चिपो मुगेरी (46) ने टीम को शुरुआती झटकों से उबारते हुए स्कोर को आगे बढ़ाया। एक समय जिम्बाब्वे ने ठीक-ठाक रन बना लिए थे, लेकिन भारतीय स्पिनरों के आगे मेहमान टीम की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई।
भारत की ओर से गेंदबाजी में वैष्णवी शर्मा ने कातिलाना गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए 49 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके। उनका साथ निभाते हुए दीप्ति शर्मा ने भी गेंद से कमाल दिखाया और 3 विकेट अपने नाम किए, जिसके चलते पूरी जिम्बाब्वे टीम 48.5 ओवरों में 207 रनों पर सिमट गई।

