छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग सहित जगदलपुर में बीती रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, यह भूकंप रात करीब 11:31 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 मैग्नीट्यूड मापी गई। भूकंप का केंद्र पड़ोसी राज्य ओडिशा का कोरापुट जिला था और इसकी गहराई जमीन से महज 5 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। उथला केंद्र होने के कारण झटके काफी प्रभावी थे, जिसके चलते लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए।
भूकंप के लिहाज से बस्तर को आमतौर पर एक सुरक्षित और स्थिर क्षेत्र माना जाता है, लेकिन अचानक हुई इस हलचल ने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ भू-वैज्ञानिकों को भी हैरत में डाल दिया है। गनीमत यह रही कि इन झटकों से अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि या बड़े बुनियादी ढांचे के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। कुछ पलों तक जमीन हिलने के बाद जब स्थिति सामान्य हुई, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से कई लोग देर रात तक घरों के बाहर ही डटे रहे।
भू-विज्ञानियों के लिए यह घटना चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि बस्तर का पठारी इलाका ‘सिस्मिक ज़ोन-2’ में आता है, जहाँ भूकंप की संभावना बेहद कम होती है। 4.4 तीव्रता का यह झटका संकेत देता है कि जमीन के भीतर की प्लेटों या स्थानीय फॉल्ट लाइन्स में कुछ बदलाव हो रहे हैं। प्रशासन ने फिलहाल लोगों से सतर्क रहने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। आने वाले दिनों में विशेषज्ञ इस बात की जांच कर सकते हैं कि क्या इस क्षेत्र की भूगर्भीय संरचना में कोई नया बदलाव आया है।

