छत्तीसगढ़ का मध्य हिस्सा अब भीषण गर्मी की चपेट में आ चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले चौबीस घंटों में उत्तर-पश्चिम से आने वाली गर्म हवाओं के कारण तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजधानी रायपुर प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर संभाग के जिलों में लोग अब 40 डिग्री से ऊपर की तपिश का सामना कर रहे हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है।
मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 24 घंटों के लिए गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश के मध्य इलाकों में एक-दो पॉकेट में ‘लू’ (Heat Wave) जैसी स्थिति बन सकती है। उत्तर-पश्चिम की गर्म हवाओं के निरंतर प्रभाव से औसत तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री अधिक बना हुआ है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में पारा और ऊपर खिसकेगा, जिससे दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसरने की संभावना है।
रायपुर में आज, 15 अप्रैल को आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा और अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने का अनुमान है। वहीं न्यूनतम तापमान 26 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। हालांकि, राहत की बात यह है कि बस्तर और सरगुजा संभाग में फिलहाल गर्मी का इतना तीखा असर नहीं दिख रहा है। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री तक गिरा है, लेकिन महीने के अंत तक इन क्षेत्रों में भी गर्मी बढ़ने के आसार हैं।
मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा ने बताया कि वर्तमान में कई मौसमी प्रणालियाँ सक्रिय हैं। एक ओर दक्षिणी असम से तमिलनाडु तक द्रोणिका बनी हुई है, तो दूसरी ओर कर्नाटक और महाराष्ट्र के ऊपर एक प्रति चक्रवात स्थित है। इन प्रणालियों के कारण प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। गर्म हवाओं के आगमन से तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए नागरिकों को पर्याप्त पानी पीने और सीधे धूप के संपर्क में आने से बचने का सुझाव दिया गया है। विशेषकर रायपुर और दुर्ग संभाग के लोगों के लिए अगले कुछ दिन काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि शुष्क हवाएं और बढ़ता तापमान लू के खतरों को और बढ़ा सकता है।
लू (Heat Wave) से बचाव के लिए जरूरी सलाह
चूंकि रायपुर और मध्य छत्तीसगढ़ में “हीट पॉकेट्स” बन रहे हैं, इसलिए ये सावधानियां बरतें:
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हाइड्रेटेड रहें: प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पिएं। ओआरएस (ORS) या घर के बने पेय जैसे लस्सी, नींबू-पानी, छाछ का उपयोग करें।
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दोपहर में बाहर निकलने से बचें: सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप के संपर्क में न आएं।
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पहनावा: हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। बाहर जाते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकें।
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सतर्कता: यदि चक्कर आए, सिरदर्द हो या कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत ठंडे स्थान पर जाएं और डॉक्टर से सलाह लें।

