बिहार पुलिस ने राज्य में विधि-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और अपराध नियंत्रण को पूरी तरह मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। गृह विभाग की आरक्षी शाखा ने इसके लिए 24.50 करोड़ रुपये की लागत से 50 उच्च क्षमता वाले हाईटेक ड्रोन खरीदने की आधिकारिक स्वीकृति दे दी है। पुलिस आधुनिकीकरण के तहत उठाए गए इस कदम से अब राज्य के प्रमुख शहरों और संवेदनशील इलाकों में आसमान से सीधी निगरानी रखी जा सकेगी।
विभागीय जानकारी के अनुसार, इस पूरी खरीद को दो अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। विधि-व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए 45 लाख रुपये की कीमत वाले कुल 40 ड्रोन खरीदे जाएंगे, जिनका इस्तेमाल सीधे तौर पर बिहार पुलिस की विशेष ड्रोन यूनिट द्वारा किया जाएगा।
इन ड्रोनों का उपयोग राज्य में निकलने वाले विरोध-प्रदर्शनों, भीड़ के उपद्रव, मेल-महोत्सव, त्योहारों और अन्य बड़े आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, पटना समेत राज्य के अन्य प्रमुख शहरों के व्यस्त चौक-चौराहों और पुलों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम के कारणों का पता लगाने और उसके निदान में भी ये ड्रोन बेहद मददगार साबित होंगे।
सामान्य विधि-व्यवस्था के अलावा, माओवाद और एंटी क्राइम ऑपरेशन जैसे गंभीर अभियानों के लिए भी विशेष रूप से 10 अत्याधुनिक ड्रोन खरीदे जा रहे हैं। इन विशेष ड्रोनों की कीमत प्रति यूनिट करीब 65 लाख रुपये होगी, यानी लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये की लागत से ये 10 ड्रोन पुलिस बेड़े में शामिल किए जाएंगे।
इन महंगे और अति-आधुनिक ड्रोनों का इस्तेमाल जंगली, दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में होने वाले पुलिस ऑपरेशनों के दौरान किया जाएगा। इससे पुलिस बल को दुर्गम क्षेत्रों में अपराधियों और माओवादियों के खिलाफ सटीक रणनीतिक जानकारी जुटाने में आसानी होगी।
इस पूरी परियोजना के लिए वित्तपोषण केंद्र और राज्य दोनों के सहयोग से किया जा रहा है। इसके तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय के स्तर से 60 प्रतिशत राशि दी जा रही है, जबकि राज्य सरकार की ओर से 40 प्रतिशत का अंशदान दिया जा रहा है।
आने वाले पर्व-त्योहारों को और अधिक सुरक्षित बनाने के मद्देनजर पुलिस की इस ड्रोन यूनिट को तेजी से मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इन नए ड्रोनों के आने से भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक मॉनिटरिंग और संवेदनशील इलाकों की निगरानी में पुलिस को अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी।

