उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में दिनदहाड़े हुई एक बड़ी लूट की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे, लेकिन पुलिस ने आधुनिक तकनीक की मदद से इसका पर्दाफाश कर दिया। मामला कालिंजर थाना क्षेत्र का है, जहाँ शातिर बदमाशों ने एक सराफा व्यापारी बृजनंदन की दुकान को निशाना बनाया। बदमाश बेहद शातिराना तरीके से ग्राहक बनकर दुकान में घुसे थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो।
दुकान के भीतर बदमाशों ने दुकानदार को अपनी बातों में उलझाए रखा और सोने के गहने दिखाने का नाटक किया। जैसे ही दुकानदार का ध्यान भटका, आरोपियों ने काउंटर पर रखा कीमती जेवरों से भरा बॉक्स उठाया और रफूचक्कर हो गए। व्यापारी को जब तक कुछ समझ आता, तब तक आरोपी आंखों से ओझल हो चुके थे। इस घटना के बाद इलाके के व्यापारियों में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए “ऑपरेशन त्रिनेत्र” के तहत इलाके के तमाम CCTV फुटेज खंगाले। इस जांच में सबसे अहम भूमिका AI तकनीक के ‘यक्ष’ (Yaksha) ऐप ने निभाई, जिसकी मदद से संदिग्धों की पहचान संभव हो सकी। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह चोरी किसी आम अपराधी ने नहीं, बल्कि देशभर में टप्पेबाजी के लिए कुख्यात अंतरराज्यीय ‘ईरानी गैंग’ ने की है। पुलिस ने जाल बिछाकर मध्य प्रदेश के शहडोल निवासी खानु हुसैन को धर दबोचा।
पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि उन्होंने लूट के जेवर एक मंदिर के पीछे जमीन में गाड़कर छिपा दिए थे। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर खुदाई कर करीब 9 लाख रुपये के गहने बरामद कर लिए हैं। डिप्टी एसपी कृष्णकांत त्रिपाठी ने बताया कि कालिंजर पुलिस और एसओजी (SOG) टीम की इस संयुक्त कार्रवाई ने गैंग की कमर तोड़ दी है। फिलहाल पकड़े गए आरोपी को जेल भेज दिया गया है और गैंग के अन्य फरार सदस्यों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है।

