अयोध्या के अतिसंवेदनशील रामजन्मभूमि परिसर में विकास कार्यों के दौरान गैस पाइपलाइन फटने से कुछ समय के लिए हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। परिसर के उत्तरी हिस्से में इन दिनों विभिन्न निर्माण और विकास गतिविधियां तेजी से चल रही हैं, जिसके तहत कुबेर टीला मार्ग के पास ग्रीन हाउस के समीप जमीन की खोदाई का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान जेसीबी मशीन से चल रहे काम के दौरान जमीन के नीचे बिछाई गई गैस की मुख्य पाइपलाइन अनजाने में क्षतिग्रस्त होकर फट गई।
पाइपलाइन के फटते ही उसके अंदर के भारी दबाव के कारण गैस का रिसाव बहुत तेज गति से शुरू हो गया। गैस निकलने की तेज आवाज और उसकी विशिष्ट गंध पूरे परिसर में फैल गई, जिससे वहां काम कर रहे श्रमिकों और आसपास मौजूद सुरक्षाकर्मियों के बीच कुछ पलों के लिए भारी तनाव और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई।
मामले की अत्यधिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बलों और मंदिर प्रशासन ने तुरंत कड़े कदम उठाए। किसी भी तरह की संभावित दुर्घटना या खतरे से बचाव के लिए एहतियाती सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कुछ समय के लिए रामलला के नियमित दर्शन को रोक दिया गया ताकि स्थिति को सुरक्षित बनाया जा सके।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल, दमकल विभाग और संबंधित गैस वितरण कंपनी की तकनीकी टीम तुरंत सक्रिय हो गई। अधिकारियों ने बिना कोई वक्त गंवाए मुख्य वाल्व को बंद कर गैस की आपूर्ति को पूरी तरह से रोका, जिसके बाद स्थिति पर बहुत कम समय में नियंत्रण पा लिया गया।
तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा गैस रिसाव को पूरी तरह से ठीक करने और परिसर में सुरक्षा का जायजा लेने के बाद स्थिति को सामान्य घोषित कर दिया गया। इसके तुरंत बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए रामलला के दर्शन सुचारू रूप से दोबारा शुरू करवा दिए, जिससे सभी ने राहत की सांस ली। गनीमत यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।

