तमिलनाडु की राजनीति और जनहितकारी योजनाओं के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं के लिए एक अनूठी और कल्याणकारी योजना की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस बहुप्रतीक्षित योजना के तहत अब सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में जन्म लेने वाले बच्चों को राज्य सरकार की ओर से सोने का उपहार प्रदान किया जाएगा।
इस योजना को पारंपरिक संस्कृति और आत्मीयता से जोड़ते हुए ‘थाईमामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ नाम दिया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ मामा की तरफ से नवजात शिशु को सोने की अंगूठी भेंट करने की परंपरा से है। इस अनूठी पहल का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में प्रसव को बढ़ावा देना और गरीब व जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करना है।
इस महत्वाकांक्षी योजना की आधिकारिक शुरुआत आगामी 28 सितंबर को होने जा रही है। मुख्यमंत्री विजय इस दिन चेन्नई या किसी प्रमुख सरकारी अस्पताल से इस योजना का विधिवत शुभारंभ करेंगे, जिसके बाद इसे पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से लागू कर दिया जाएगा। चुनाव के दौरान किए गए इस वादे के पूरा होने से राज्य के नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
योजना के प्रावधानों के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले पात्र नवजात शिशुओं को 22 कैरेट का 1 ग्राम सोने का लॉकेट या अंगूठी उपहार स्वरूप दी जाएगी। सरकार का यह कदम राज्य में मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा, जिससे सरकारी अस्पतालों के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक बढ़ेगा।
इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ बुनियादी शर्तें निर्धारित की गई हैं। इसके तहत बच्चे का जन्म तमिलनाडु के किसी अधिकृत सरकारी अस्पताल में होना अनिवार्य है और परिवार राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए। इसके अलावा, गर्भवती माताओं का ‘पिकमी’ (PICME) पोर्टल पर पंजीकरण और आरसीएच (RCH) आईडी होना भी इस प्रक्रिया के लिए जरूरी है।
सरकार ने इस योजना के दायरे को और व्यापक बनाते हुए इसे पिछली तिथि से लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत वे सभी नवजात शिशु इस लाभ के हकदार होंगे जिनका जन्म मुख्यमंत्री के जन्मदिन यानी 22 जून या उसके बाद हुआ है। इस फैसले से जून, जुलाई और अगस्त के महीनों में जन्मे बच्चों के परिवारों को भी सीधा लाभ मिल सकेगा।
योजना की शुरुआत से पहले प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके पहले चरण के तहत सरकार ने लगभग 1.28 लाख सोने की अंगूठियां तैयार कराई हैं। वितरण प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर अंगूठी पर एक विशिष्ट सीरियल नंबर (Unique Serial Number) अंकित किया गया है और इसे पूरी तरह से सुरक्षित पैकिंग में लाभार्थियों को सौंपा जाएगा।

