इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर (Smit Machhar) की अदम्य बहादुरी और असाधारण सूझबूझ की खुले तौर पर तारीफ की है। उन्होंने कैप्टन स्मित को इजरायल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष रूप से शामिल होने का न्योता दिया है। इस साहसिक घटना के बाद, नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस भव्य समारोह के लिए आमंत्रित किया है, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और गहरे होते संबंधों की एक नई मिसाल पेश हुई है।
यह पूरी घटना तब घटी जब ‘फ्लाईदुबई’ (Flydubai) की एक उड़ान दुबई से इजरायल के तेल अवीव की ओर जा रही थी। इस विमान में कई इजरायली नागरिकों सहित 174 से अधिक यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान एक अत्यंत खतरनाक स्थिति तब उत्पन्न हो गई जब अचानक को-पायलट ने कॉकपिट के भीतर कैप्टन स्मित मच्छर पर पीछे से हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले से विमान में अफरा-तफरी का माहौल बन सकता था।
गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने जरा भी घबराहट नहीं दिखाई। उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए अत्यधिक संयम और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला और अन्य क्रू मेंबरों व यात्रियों की मदद से हमलावर पर काबू पाया, जिससे विमान एक भीषण दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गया।
कैप्टन स्मित की इस जांबाजी और तत्परता की खबर मिलते ही इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू व्यक्तिगत रूप से प्रभावित हुए। उन्होंने फोन पर कैप्टन स्मित मच्छर से लंबी बातचीत की और उनकी वीरता को सलाम किया। नेतन्याहू ने उन्हें न केवल इजरायल बल्कि भारत और पूरी दुनिया के लिए एक असली ‘हीरो’ करार दिया, जिन्होंने सैकड़ों बेकसूर लोगों की जान बचाई।
इस बातचीत के दौरान, नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को आगामी इजरायली स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का विशेष आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि इजरायल इस भारतीय पायलट के इस उपकार को हमेशा याद रखेगा और उन्हें स्वतंत्रता दिवस के मुख्य कार्यक्रमों में ‘मशाल जलाने’ का गौरवशाली अवसर दिया जाएगा।
इतना ही नहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बाद इजरायली प्रधानमंत्री ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी फोन करके इस बहादुरी का जिक्र किया और उन्हें इस ऐतिहासिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में इजरायल आने का विशेष निमंत्रण भेजा। नेतन्याहू के इस कदम से दोनों देशों के बीच आपसी दोस्ती और विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
कैप्टन स्मित मच्छर के इस साहसिक कदम की अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सराहना हो रही है। भारत में भी सोशल मीडिया से लेकर विभिन्न मंचों पर उनकी इस वीरता की चर्चा जोरों पर है और उन्हें देश का गौरव बताया जा रहा है। यह घटना साबित करती है कि भारतीय पेशेवर किस प्रकार कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारी को सर्वोपरि रखते हैं।

