छत्तीसगढ़ में सक्रिय मानसूनी द्रोणिका और बस्तर के ऊपर बने मजबूत वेदर सिस्टम के प्रभाव से झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई प्रमुख संभागों में शनिवार को दिनभर रुक-रुककर वर्षा होती रही, जिससे मौसम सुहाना हो गया है और तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आज यानी रविवार को भी कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय मानसूनी सिस्टम अब धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से रविवार को रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने के पूरे आसार हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस सिस्टम के आगे बढ़ने के कारण सोमवार के बाद से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आनी शुरू हो जाएगी।
सितंबर महीने के अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 12 दिनों में राज्य में दो प्रभावशाली मौसम सिस्टम बने हैं। इनके असर से पूरे छत्तीसगढ़ में अब तक औसतन लगभग 84 मिलीमीटर और अकेले रायपुर जिले में 97.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। इस मौजूदा मौसमी सिस्टम का सबसे ज्यादा असर बस्तर संभाग के जिलों में देखने को मिला है, जबकि रायपुर और दुर्ग संभाग के इलाके भी इससे काफी हद तक प्रभावित हुए हैं।
शनिवार को राजधानी रायपुर में मौसम का मिजाज बार-बार बदलता नजर आया। रात में हुई बारिश के बाद सुबह कुछ समय के लिए आसमान बिल्कुल साफ और धूप वाला रहा, लेकिन दोपहर होते-होते अचानक घने बादलों ने पूरे शहर को घेर लिया। इसके बाद कभी रिमझिम तो कभी तेज बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हो गया। शाम ढलते-ढलते बादल इतने गहरे हो गए कि दिन में ही शाम और रात जैसा नजारा देखने को मिला, जिससे सड़कों पर वाहन चालकों को हेडलाइट्स का इस्तेमाल करना पड़ा।
बीते 24 घंटों के दौरान हुई बारिश के आंकड़ों ने कई इलाकों में भारी मानसूनी गतिविधियों की पुष्टि की है। कोंडागांव जिले के धनोरा में सबसे अधिक 140 मिलीमीटर और बस्तर में 100 मिलीमीटर तक की भारी वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा माकड़ी, भानपुरी, अंबागढ़ चौकी और छुरा जैसे क्षेत्रों में भी 80-80 मिलीमीटर पानी गिरा। वहीं, फरसगांव, मोहला, बालोद, चारामा, बस्तानार और गादीरास में लगभग 70-70 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि रायपुर में शाम साढ़े पांच बजे तक करीब 2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही आने वाले दिनों में मानसूनी गतिविधियों में थोड़ी सुस्ती आ सकती है, लेकिन मानसून की द्रोणिका अभी भी अपनी सामान्य स्थिति में बनी हुई है। इस वजह से राज्य में बारिश का दौर पूरी तरह से थमने के कोई तत्काल आसार नहीं हैं। छिटपुट और हल्की बारिश का यह क्रम आगे भी कुछ दिनों तक अलग-अलग संभागों में स्थानीय मौसम की स्थिति के अनुसार जारी रह सकता है।
बीते वर्ष सितंबर के महीने में रायपुर जिले में कुल 284 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। इस बार भी मौसम के मौजूदा रुख और लगातार एक्टिव हो रहे सिस्टम को देखते हुए कृषि और मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस वर्ष सितंबर माह का कुल बारिश का आंकड़ा पिछले साल के मुकाम के आसपास ही पहुंच सकता है, जो खरीफ की फसलों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा।

