छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहां डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में भीषण बॉयलर ब्लास्ट हुआ है। इस भयानक विस्फोट ने न केवल प्लांट परिसर को दहला दिया, बल्कि पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है, जबकि दो दर्जन से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
घटना के वक्त प्लांट में सामान्य कामकाज चल रहा था, तभी अचानक बॉयलर में जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास का ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया और कई मजदूर मलबे व गर्म वाष्प की चपेट में आ गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। वर्तमान में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और आशंका जताई जा रही है कि मलबे में अभी भी कुछ और मजदूर दबे हो सकते हैं, जिससे हताहतों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
हादसे की खबर मिलते ही मजदूरों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों ने प्लांट के मुख्य गेट पर जमकर नारेबाजी की और एम्बुलेंस को बाहर जाने से रोक दिया। परिजनों का आरोप है कि प्रबंधन उन्हें घायलों की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा है और न ही उन्हें अपनों से मिलने दिया जा रहा है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रबंधन ने सुरक्षा के लिहाज से मुख्य द्वार बंद कर दिए हैं।
घायलों के उपचार के लिए जिला प्रशासन और प्लांट प्रबंधन ने तत्काल कदम उठाए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से झुलसे और घायल मजदूरों को रायगढ़ जिले के निजी व सरकारी अस्पतालों, विशेषकर ओपी फोर्टिस जिंदल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, कई मजदूरों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। परिजनों की मांग है कि घायलों को सर्वोत्तम इलाज मिले और मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा व नौकरी प्रदान की जाए।
इस त्रासदी पर राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह घटना बेहद गंभीर है और इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अनुरोध किया है कि पीड़ितों को आर्थिक संबल देने के साथ-साथ राहत कार्यों में तेजी लाई जाए। फिलहाल, पूरे सक्ती जिले में इस औद्योगिक हादसे को लेकर भारी आक्रोश और दुख का माहौल है, और सभी की निगाहें अब प्रशासन की जांच रिपोर्ट और घायलों के स्वास्थ्य लाभ पर टिकी हैं।

