आज 4 मई 2026 को भारत के पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी—के विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित किए जा रहे हैं। सुबह 8 बजे से ही मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। शुरुआती एक घंटे में डाक मतपत्रों (पोस्टल बैलेट) की गिनती हुई, जिसके बाद अब ईवीएम (EVM) के रुझान आने भी शुरू हो गए हैं। पूरे देश की नजरें इन नतीजों पर टिकी हैं, क्योंकि यह चुनाव कई क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दलों के भविष्य का फैसला करेंगे।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक है। राज्य की 293 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है (एक सीट पर चुनाव टल गया था)। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी सत्ता बचाने के लिए लगातार चौथी बार चुनावी रण में हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने यहाँ अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। बंगाल के रुझानों में टीएमसी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। विशेष रूप से भवानीपुर सीट पर सबकी नजर है, जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला है।
मतगणना शुरू होने से ठीक पहले बंगाल में सियासी पारा उस समय और बढ़ गया जब ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया के जरिए सतर्क रहने का संदेश दिया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई मतगणना केंद्रों और स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास ‘लोड शेडिंग’ (बिजली कटौती) की जा रही है और सीसीटीवी कैमरे बंद किए जा रहे हैं। उन्होंने अपने समर्थकों से रात भर जागकर जनता के वोटों की रखवाली करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
असम की बात करें तो यहाँ की 126 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान के नतीजे भी आज साफ हो जाएंगे। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी यहाँ हैट्रिक लगाने की उम्मीद कर रही है, जबकि कांग्रेस गौरव गोगोई के नेतृत्व में सत्ता में वापसी की कोशिश में है। असम में इस बार ऐतिहासिक 85.91% मतदान हुआ है, जो राज्य के चुनावी इतिहास में अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है। शुरुआती रुझानों में बीजेपी गठबंधन को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है।
दक्षिण भारत के बड़े राज्य तमिलनाडु में इस बार का मुकाबला बेहद त्रिकोणीय और दिलचस्प हो गया है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में है, वहीं एआईएडीएमके और बीजेपी का गठबंधन उन्हें कड़ी चुनौती दे रहा है। खास बात यह है कि इस चुनाव में अभिनेता विजय की नई पार्टी ‘टीवीके’ (TVK) के मैदान में होने से समीकरण बदलते दिख रहे हैं। तमिलनाडु में भी इस बार रिकॉर्ड 85.10% मतदान हुआ है, जिससे नतीजों को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।
केरल में चुनावी परंपरा को तोड़ने की कोशिशें जारी हैं। यहाँ आमतौर पर हर पांच साल में सरकार बदलने का रिवाज रहा है, लेकिन पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला एलडीएफ (LDF) लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी कर इस मिथक को पहले ही तोड़ चुका है और अब तीसरी पारी की तैयारी में है। वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ (UDF) गठबंधन फिर से सत्ता पर काबिज होने के लिए संघर्ष कर रहा है। शुरुआती रुझानों में यहाँ एलडीएफ और यूडीएफ के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है।
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी मतगणना शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। 30 सीटों वाली इस विधानसभा के लिए आए एग्जिट पोल्स ने एनडीए (NDA) गठबंधन की वापसी का अनुमान लगाया था। शुरुआती रुझानों में भी एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है। पुडुचेरी में करीब 90 फीसदी मतदान हुआ है, जो दिखाता है कि यहाँ की जनता ने बदलाव या निरंतरता के लिए जमकर वोटिंग की है।
आज दोपहर तक इन सभी राज्यों की तस्वीर पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है। चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी प्रकार की हिंसा या गड़बड़ी न हो सके। पश्चिम बंगाल जैसे संवेदनशील राज्यों में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा, इन नतीजों के साथ ही यह साफ हो जाएगा कि कहाँ जनता ने पुरानी सरकारों पर भरोसा जताया है और कहाँ सत्ता परिवर्तन की लहर चली है।

