कर्नाटक के तटीय शहर मंगलुरु (Mangaluru) में एक बड़ा औद्योगिक हादसा पेश आया, जब यहां स्थित प्रमुख मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) ऑयल रिफाइनरी में एक भीषण विस्फोट के बाद भयंकर आग लग गई। यह दुर्घटना रिफाइनरी के जोकट्टे (Jokatte) स्थित परिसर में हुई, जिसके चलते पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी।
यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि रिफाइनरी के आसपास के कई गांवों और इलाकों में तेज झटके महसूस किए गए। जोकट्टे, बाजपे, सुरथकल, बैकमपाडी और कटीपल्ला जैसे इलाकों के स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें ऐसा लगा मानो कोई हल्का भूकंप आ गया हो। डर के मारे सहमे लोग अपने-अपने घरों और दफ्तरों से निकलकर सड़कों पर आ गए, क्योंकि उन्हें तुरंत समझ नहीं आया कि आखिर क्या हुआ है।
विस्फोट के कारण पैदा हुए तीव्र वायुदाब और शॉकवेव से भारी नुकसान की खबर है। जोकट्टे ग्राम पंचायत भवन सहित आसपास के दर्जनों रिहायशी घरों की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। कई घरों के दरवाजों और दीवारों में तेज दरारें भी पड़ गईं, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी दहशत और गुस्सा व्याप्त हो गया है।
धमाके के तुरंत बाद रिफाइनरी परिसर के भीतर आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं और आसमान में काले धुएं का एक विशाल गुबार छा गया, जो कई किलोमीटर दूर से साफ दिखाई दे रहा था। शुरुआती तकनीकी रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हादसा रिफाइनरी की हाइड्रो सल्फर ट्रीटमेंट (CHT) यूनिट में तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से हुआ माना जा रहा है।
इस भयंकर हादसे में एक प्लांट कर्मचारी, जिनकी पहचान राजेश बैपटिस्ट के रूप में हुई है, गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज आईसीयू में चल रहा है। इसके अलावा, कुछ अन्य लोगों को भी मामूली चोटें आने और कांच के टुकड़े लगने से घायल होने की सूचना मिली है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) की कई गाड़ियां तुरंत युद्धस्तर पर मौके पर पहुंच गईं। मंगलुरु पुलिस कमिश्नर सहित तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक और एमआरपीएल के उच्च अधिकारी स्थिति का जायजा लेने के लिए फौरन घटनास्थल पर पहुंचे। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है और यह पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं कि आखिर यह विस्फोट किन कारणों से हुआ था। मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का परिचालन इस घटना से अप्रभावित रहा और सामान्य रूप से जारी है।

