पश्चिम बंगाल में इस बार की दुर्गा पूजा इतिहास रचने जा रही है, क्योंकि राज्य में पहली बार किसी दुर्गा दरबार को इतने बड़े पैमाने पर सोने से सजाया जा रहा है। दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी स्थित सेंट्रल कॉलोनी दुर्गा पूजा समिति अपने 64वें वर्ष के आयोजन के तहत यह अभूतपूर्व कदम उठा रही है, जो भव्यता के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार है।
इस विशेष आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि मां दुर्गा के साथ-साथ उनके पूरे परिवार यानी माता लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश और कार्तिक को कुल मिलाकर लगभग 100 किलोग्राम शुद्ध सोने के पारंपरिक आभूषणों से सजाया जाएगा। उत्तर बंगाल के साथ-साथ पूरे राज्य के इतिहास में यह पहला मौका है जब इतने भारी मात्रा में स्वर्ण आभूषणों से देवी-देवताओं का दरबार सजेगा।
इन बेशकीमती और कलात्मक आभूषणों को तैयार करने की जिम्मेदारी प्रसिद्ध ज्वैलरी ब्रांड ‘सेन्को गोल्ड’ को सौंपी गई है, जो अपनी बेहतरीन शिल्प कला के लिए जाने जाते हैं। इस स्वर्ण-जटित दरबार की चमक और दिव्यता देखने लायक होगी, जो भक्तों और पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है।
पूजा की इस भव्यता को और अधिक बढ़ाने के लिए कला और सजावट के स्तर पर भी विशेष तैयारी की गई है। बालुरघाट के जाने-माने कलाकारों द्वारा एक बेहद आकर्षक पंडाल का निर्माण किया जा रहा है, जबकि चंदननगर की मशहूर और अद्भुत लाइटिंग (रोशनी) इस पूरे परिसर की खूबसूरती में चार चांद लगाएगी।
इस बार रेलवे ग्राउंड पर काम चलने के कारण पूजा स्थल में थोड़ा बदलाव किया गया है और यह आयोजन न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) थाना के पास एक नए खुले मैदान में किया जा रहा है। इतनी भारी मात्रा में सोने के आभूषणों की मौजूदगी और लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए, कमेटी और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के बेहद कड़े और चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं।

