गाजियाबाद: दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के लोनी शहर ने वायु प्रदूषण के मामले में एक डरावना रिकॉर्ड बनाया है। ‘आईक्यूएयर’ (IQAir) की ताजा विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट के अनुसार, लोनी अब दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। यहाँ प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया है कि लोगों का घरों से बाहर निकलना और सांस लेना दूभर हो गया है। प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है।
लोनी में PM2.5 का वार्षिक औसत स्तर 112.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 22 गुना ज्यादा है। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में मौजूद ये सूक्ष्म कण फेफड़ों के जरिए सीधे खून में मिल जाते हैं, जिससे न केवल श्वसन तंत्र बल्कि हृदय रोगों का खतरा भी कई गुना बढ़ गया है।
प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर के पीछे कई स्थानीय कारक जिम्मेदार हैं। लोनी में चल रही अवैध औद्योगिक इकाइयां, सड़कों पर उड़ती धूल और कचरे को खुले में जलाने की घटनाएं हवा को जहरीला बना रही हैं। इसके अलावा, दिल्ली-एनसीआर का हिस्सा होने के कारण यहाँ वाहनों का भारी दबाव भी रहता है, जिससे निकलने वाला धुआं इस समस्या को और गंभीर बना रहा है।
लोनी की इस स्थिति ने पूरे देश में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि दुनिया के टॉप 10 सबसे प्रदूषित शहरों में भारत के कई अन्य शहर भी शामिल हैं। हालांकि सरकार ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (GRAP) जैसे कदम उठाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका असर कम ही नजर आता है। डॉक्टरों ने स्थानीय निवासियों को सलाह दी है कि वे बाहर निकलते समय N95 मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें और सुबह की सैर से बचें।

