पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सप्तमी की शाम को हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। उत्तर कोलकाता के प्रसिद्ध चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक मची भगदड़ के कारण स्थिति बेहद भयावह हो गई।
इस दुखद हादसे में आधिकारिक रूप से 19 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि लगभग 35 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतकों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, जिससे इस त्रासदी का दर्द और अधिक गहरा गया है।
घटना की शुरुआत तब हुई जब शाम करीब 7:30 बजे अचानक भारी बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने और दर्शन करने के लिए पंडाल के बाहर खड़े दर्शकों की भारी भीड़ एकदम से अंदर की ओर तेजी से बढ़ी, जिससे वहां भारी दबाव और भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ का दबाव इतना अधिक था कि कई लोग घबराहट में बेहोश होकर नीचे गिर पड़े और कुचल गए। कुछ ही पलों में उत्सव की खुशियां चीख-पुकार और मातम में बदल गईं, और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन समूह (DMG) और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत हरकत में आए। प्रशासन ने युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए सभी घायलों को तुरंत कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MCH) पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव ने देर रात अस्पताल का दौरा किया और घायलों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्चस्तरीय और पारदर्शी जांच के आदेश दिए हैं तथा सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने के आरोप में पूजा कमेटी के सदस्यों और आयोजकों सहित लगभग 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
राज्य सरकार ने इस बड़ी त्रासदी के पीड़ितों के लिए भारी मुआवजे का ऐलान किया है। मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की सहायता राशि और एक सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई है, साथ ही घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने के साथ-साथ प्रत्येक घायल को 5 लाख रुपये देने का फैसला किया गया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सुरक्षा और एहतियात के तौर पर चोरबागान पूजा पंडाल को आम जनता के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है, और सरकार तथा पुलिस प्रशासन द्वारा किसी भी तरह की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर (18003455678) जारी किए गए हैं।

