रायपुर, 31 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित हो रहे पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में मेजबान टीम की महिला खिलाड़ियों ने अपना दबदबा कायम किया है। महिला फुटबॉल टीम की कप्तान और भारतीय अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी किरण पिस्दा के असाधारण प्रदर्शन की बदौलत छत्तीसगढ़ ने अरुणाचल प्रदेश को हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। मंगलवार को स्वामी विवेकानंद कोटा स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में दोनों टीमें निर्धारित समय तक 2-2 की बराबरी पर रहीं, जिसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट के जरिए हुआ।
इस मैच की असली हीरो कप्तान किरण पिस्दा रहीं, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अब तक लगभग 20 गोल दागकर अपनी आक्रामक क्षमता का लोहा मनवाया है। मैच के 18वें मिनट में उन्होंने गोल कर अपनी टीम को 2-0 की मजबूत बढ़त दिलाई थी। हालांकि, अरुणाचल प्रदेश ने हार नहीं मानी और 41वें व 86वें मिनट में गोल दागकर स्कोर बराबर कर दिया। मैच जब पेनल्टी शूटआउट में पहुंचा, तो किरण ने एक साहसिक फैसला लेते हुए नियमित गोलकीपर योगिता की जगह खुद गोलपोस्ट की कमान संभाली।
किरण का यह जुआ टीम के लिए मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। उन्होंने गोलकीपर के रूप में शानदार फुर्ती दिखाते हुए अरुणाचल के दो महत्वपूर्ण शॉट रोके और स्वयं भी एक पेनल्टी को गोल में तब्दील किया। उनके इस ‘ऑलराउंड’ प्रदर्शन की बदौलत छत्तीसगढ़ ने शूटआउट में 4-3 से जीत दर्ज की। मैच के बाद किरण ने कहा कि उन्हें अपनी गोलकीपिंग क्षमताओं पर पूरा भरोसा था क्योंकि वह पहले भी राज्य स्तर पर यह भूमिका निभा चुकी हैं। अब फाइनल में छत्तीसगढ़ का मुकाबला झारखंड या गुजरात में से किसी एक से होगा।
दूसरी ओर, इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में चल रही महिला हॉकी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम को सेमीफाइनल में ओडिशा के हाथों 1-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी। इस हार के बावजूद मेजबान टीम की पदक की उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई हैं। कप्तान कुजूर अश्विन के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की टीम 1 अप्रैल को कांस्य पदक के लिए अपने पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश से भिड़ेगी। इसी दिन हॉकी का फाइनल मुकाबला झारखंड और ओडिशा के बीच खेला जाएगा।
रायपुर में हो रहे इन खेलों ने न केवल आदिवासी प्रतिभाओं को एक बड़ा मंच प्रदान किया है, बल्कि स्थानीय दर्शकों में भी भारी उत्साह भर दिया है। अब सभी की नजरें 1 अप्रैल को होने वाले फुटबॉल के फाइनल और हॉकी के कांस्य पदक मुकाबले पर टिकी हैं, जहां मेजबान टीम अपने घरेलू मैदान पर इतिहास रचने के इरादे से उतरेगी। किरण पिस्दा का नेतृत्व और टीम का जज्बा इस समय पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बना हुआ है।

