इजरायली राजनीति में उस समय एक बड़ा मोड़ आया जब प्रमुख अरब-इजरायली राजनीतिक दल ‘बलाद’ के नेता समी अबू शेहादेह ने आगामी संसदीय चुनावों से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। यह घटनाक्रम उनके द्वारा लिखे गए एक पुराने लेख और उस पर मचे भारी राजनीतिक व कानूनी बवाल के बाद सामने आया है।
इस पूरे विवाद की जड़ में वह लेख था, जो शेहादेह ने 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजराइल पर किए गए हमलों के ठीक बाद प्रकाशित किया था। उस लेख में उन्होंने हमास के इस कदम को “सैन्य, राजनीतिक और रणनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना” करार दिया था।
उनके इस बयान के सामने आते ही इजराइल के राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश फैल गया। दक्षिणपंथी और सत्ताधारी दलों के नेताओं ने इस बयान को आतंकवाद के समर्थन के रूप में देखा। इसके बाद नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर इतामार बेन-गवीर और अन्य नेताओं की मांग पर इजराइल की केंद्रीय चुनाव समिति ने भारी बहुमत से उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगाने का फैसला किया।
चुनाव समिति के इस फैसले के खिलाफ मामला देश के सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुँचा। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने उनके बयानों को “पीड़ादायक, अपमानजनक और घृणित” करार दिया। अदालत के संकेतों से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि बहुसंख्यक जज उन्हें चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराने जा रहे हैं।
कानूनी रूप से बैन होने और संभावित बड़े राजनीतिक परिणामों से बचने के लिए, शेहादेह ने खुद ही अदालत में अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निर्णय लिया। उनकी पार्टी ‘बलाद’ ने इसे इजराइल की न्यायिक व्यवस्था और अरब नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर अनुचित दबाव और हमला करार दिया है।
अदालत में सुनवाई के दौरान शेहादेह ने अपने बचाव में स्पष्टीकरण भी दिया था। उन्होंने कहा कि उनके कहने का आशय किसी भी तरह की हिंसा या नरसंहार का समर्थन करना नहीं था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यदि उन्हें उस समय हुई मानवीय तबाही के भयानक पैमाने का सही अंदाजा होता, तो वे कभी उस तरह से वह लेख नहीं लिखते।
यह पूरा घटनाक्रम इजराइल में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, आतंकवाद के समर्थन से जुड़े कानूनों और देश के अरब अल्पसंख्यकों के राजनीतिक अधिकारों के बीच चल रहे गहरे तनाव को उजागर करता है। जहाँ एक ओर दक्षिणपंथी इसे देश की सुरक्षा और न्याय की जीत मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे अरब राजनेताओं की आवाज दबाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

