इंदौर: इंदौर के प्रीति नगर में हुआ भीषण अग्निकांड किसी बड़े युद्ध जैसा मंजर छोड़ गया है। तिलक नगर थाना क्षेत्र के एक रिहायशी मकान में लगी आग ने महज कुछ ही मिनटों में 8 मासूम जिंदगियों को लील लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह हादसा घर के बाहर खड़ी एक इलेक्ट्रॉनिक कार (EV) को चार्ज करते समय हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ, जिसने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे की भयावहता का मुख्य कारण घर के भीतर अवैध रूप से रखे गए 12 गैस सिलेंडर थे। जैसे ही आग घर के मुख्य दरवाजे तक पहुँची, वहां रखे सिलेंडरों में धमाके शुरू हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके इतने जोरदार थे कि पूरा इलाका दहल उठा। बताया जा रहा है कि केवल 4 सिलेंडर फटने से ही पक्का मकान पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो गया और अंदर मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
दमकल विभाग और बचाव दल जब मौके पर पहुँचा, तो नजारा देखकर दंग रह गया। घर के मलबे के बीच अभी भी कई सिलेंडर सुरक्षित मिल गए, जो आग की गर्मी झेल रहे थे लेकिन फटे नहीं थे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सभी 12 सिलेंडर एक साथ फट जाते, तो ब्लास्ट की शॉकवेव इतनी घातक होती कि आसपास के 4 से 5 मकान भी जमींदोज हो सकते थे। यह इंदौर के इतिहास की सबसे बड़ी रिहायशी त्रासदी बन सकती थी।
इस हादसे ने रिहायशी इलाकों में गैस सिलेंडरों के असुरक्षित भंडारण और ई-व्हीकल चार्जिंग की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि एक रिहायशी मकान में इतनी बड़ी संख्या में कमर्शियल और घरेलू सिलेंडर आखिर किस उद्देश्य से रखे गए थे। फिलहाल, इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इंदौर में शोक की लहर है और सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बरतने की मांग उठ रही है।

