उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आज यानी 25 सितंबर से चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2026) का भव्य आगाज हो गया है। पाँच दिनों तक चलने वाला यह प्रतिष्ठित आयोजन 29 सितंबर तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को वैश्विक सोर्सिंग हब के रूप में स्थापित करना और राज्य के औद्योगिक विकास को नई ऊँचाइयाँ देना है।
इस वर्ष के ट्रेड शो की थीम “UP for Global Growth: Innovation, Manufacturing and Exports” रखी गई है। इस वृहद आयोजन में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक एमएसएमई उत्पादों और एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, फार्मास्यूटिकल्स और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों के उत्पादों को भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शित किया जा रहा है।
ट्रेड शो के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को और विस्तार देते हुए इस बार छह देशों—वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस को पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल किया गया है। ये देश अपने पवेलियन के माध्यम से अपनी उन्नत तकनीकों और उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे प्रदेश के उद्यमियों को ग्लोबल बिजनेस पार्टनरशिप और निवेश के नए अवसर मिल रहे हैं।
प्रशासन और आयोजकों के अनुसार, इस ट्रेड शो में 2,400 से अधिक स्टॉल और एग्जिबिटर्स अपनी कला, तकनीक और उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके अलावा, दुनिया भर के लगभग 72 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार इस आयोजन में हिस्सा ले रहे हैं, जिससे स्थानीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुँच मिलेगी।
आम जनता और कारोबारियों के सुगम आवागमन के लिए प्रशासन ने समय का विशेष विभाजन किया है। सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक का समय केवल बिजनेस विजिटर्स (व्यापारियों और खरीदारों) के लिए आरक्षित है, जबकि दोपहर 3:00 बजे से रात 8:00 बजे तक आम जनता इस भव्य प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकती है।
दर्शकों और खरीदारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बोटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन, नोएडा सेक्टर-62, नॉलेज पार्क और प्रमुख पार्किंग स्थलों से मुफ्त शटल बस सेवा चलाई जा रही है। साथ ही, भारी वाहनों के लिए ट्रैफिक डायवर्जन और वैकल्पिक रूटों की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि किसी को भी जाम का सामना न करना पड़े।
यह आयोजन राज्य के युवाओं, उद्यमियों और कारीगरों के लिए रोजगार, व्यापार विस्तार और नई व्यावसायिक साझेदारियों के नए द्वार खोल रहा है। सरकार और प्रशासन को उम्मीद है कि इस साल का ट्रेड शो पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए हजारों करोड़ रुपये के व्यापारिक अनुबंधों और निवेश प्रस्तावों का साक्षी बनेगा।

